खान सर-रौशन सर विवाद पर बिहार में सियासी भूचाल, तेजस्वी ने CM को लिखी चिट्ठी तो कभी RJD में रहे रामकृपाल यादव भड़के, कहा- इसे राजनीतिक अखाड़ा…

Ramkripal Yadav Khan sir: पटना के खान सर और रौशन आनंद सर विवाद मामले में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा मुख्यमंत्री को निष्पक्ष जांच के लिए लिखे गए पत्र पर मंत्री रामकृपाल यादव ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार मामले की गहराई से जांच कर रही है, लेकिन इस पर राजनीतिक रोटियां नहीं सेंकनी चाहिए।

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Ramkripal Yadav On Khan Sir-Roshan Anand Sir Controversy
Ramkripal Yadav On Khan Sir-Roshan Anand Sir Controversy | Image: ANI

Ramkripal Yadav On Khan Sir Controversy: बिहार के चर्चित 'खान सर और रौशन आनंद सर कोचिंग विवाद' ने अब एक बड़ा मोड़ ले लिया है। मुसल्लहपुर हाट इलाके में हुई तोड़फोड़ और फायरिंग कांड की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र पर बिहार की सम्राट चौधरी सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। 

अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकना बंद करें: रामकृपाल यादव

इस पूरे मामले पर सूबे के मंत्री और BJP नेता रामकृपाल यादव ने सरकार का रुख पूरी तरह से स्पष्ट किया। तेजस्वी यादव के पत्र पर कड़ा ऐतराज जताते हुए उन्होंने कहा, "बिहार सरकार निश्चित रूप से इस पूरे मामले के हर पहलू और इसकी बारीकियों पर बहुत गहराई से विचार कर रही होगी। लेकिन तेजस्वी यादव को हर गंभीर और संवेदनशील मुद्दे पर केवल अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने की इस आदत से तुरंत बाज आना चाहिए।" 

उन्होंने आगे कहा कि तेजस्वी यादव विपक्ष के नेता हैं और इस नाते यह हम सबकी साझा जिम्मेदारी है कि हम सब साथ आएं और राज्य में एक बेहतर व शांतिपूर्ण शैक्षणिक माहौल बनाए रखें, ताकि बिहार के बच्चे यहां सुरक्षित रहकर पढ़ाई कर सकें और अपने जीवन में आगे बढ़ सकें।

विवाद को 'यादव vs मुस्लिम' बनाना दुर्भाग्यपूर्ण

मंत्री रामकृपाल यादव ने इस बात पर बेहद चिंता और दुख व्यक्त किया कि इस कोचिंग विवाद को सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर जाति और धर्म के चश्मे से देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग इस पूरे मामले को 'यादव vs मुस्लिम' के नाम पर बांटने की कोशिशों में जुटे हैं।

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मंत्री ने दोटूक लहजे में कहा कि शिक्षा और गुरु को कभी भी जातिगत या धार्मिक रंजिश के तराजू में नहीं तोला जाना चाहिए। अगर शिक्षा के क्षेत्र में ऐसा जहर घोला गया, तो इसके परिणाम राज्य के भविष्य के लिए बेहद घातक हो सकते हैं।

'कमर्शियल पॉइंट ऑफ व्यू' से लूट मचाना चिंताजनक

रामकृपाल यादव ने कोचिंग संस्थानों के बीच बढ़ती व्यावसायिक होड़ और हिंसक टकराव को शिक्षा जगत के लिए एक बेहद खतरनाक और चिंताजनक बताया। 

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उन्होंने याद दिलाया कि पहले बिहार के गरीब, किसान और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों को मजबूरन उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग के लिए कोटा, दिल्ली या पुणे जैसे शहरों में जाना पड़ता था। मगर पिछले कुछ वर्षों में हमारे ही राज्य के शिक्षकों ने पटना में एक ऐसा बेहतरीन शैक्षणिक परिवेश तैयार किया, जहां गरीब बच्चों को भी बेहद कम खर्च में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलने लगी है।

उन्होंने तेजस्वी यादव सहित राज्य के सभी राजनीतिक दलों को नसीहत देते हुए कहा कि इस कोचिंग विवाद को किसी भी हाल में 'पॉलिटिकल फील्ड' न बनाएं।

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Published By:
 Shashank Kumar
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