Bihar Election: बिहार चुनाव में होगी अभेद्य सुरक्षा! घोड़े, नाव से लेकर लाखों पुलिसकर्मी करेगें पहरेदारी; 500 से अधिक CAPF कंपनियां भी होंगी तैनात
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेस के दौरान कहा- मैं आश्वस्त करना चाहता हूं कि बिहार चुनाव पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होंगे। इसके लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होंगे।
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बिहार में चुनावी बिगुल बज चुका हुआ। चुनाव तारीखों की घोषणा आज, 6 नबंबर 2025 को चुनाव आयोग द्वारा कर दी गई। प्रदेश में दो चरणों में चुनाव संपन्न कराए जाएंगे। पहले चरण के लिए वोटिंग 6 नवंबर को होगी, जबकि दूसरे चरण की वोटिंग 11 नंवबर को होगी। वहीं, नतीजे 14 नवंबर को आएंगे। विधानसभा चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए निर्वाचन आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ी तैयारी की है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेस के दौरान कहा- मैं आश्वस्त करना चाहता हूं कि बिहार चुनाव पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होंगे। इसके लिए आयोग ने पूरी तैयारी की है। पूरी चुनावी प्रक्रिया के दौरान अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार बिहार में कुल 90,712 मतदान केंद्र बनाए गए हैं और हर मतदान केंद्र पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
नाव, घोड़े से भी होगी गश्ती
CEC ज्ञानेश कुमार ने बताया कि बिहार में चुनाव के दौरान घोड़े से, नाव से भी पहरेदारी दी जाएगी। पुलिस द्वारा दियारा क्षेत्र में लगभग 240 मतदान केंद्रों पर घोड़ा द्वारा गश्त की जाएगी। वहीं, लगभग 197 मतदान केंद्रों पर गश्ती दल नाव से पहरा देंगे। कुल 2.5 लाख पुलिसकर्मी के तैनाती चुनाव के दौरान सुरक्षा के लिए की जाएगी। इसके साथ ही केंद्रीय बलों की 350 से 400 कंपनी की तैनाती होगी, वहीं, 500 से अधिक CRPF कंपनियां भी तैनात होंगी।
CRPF की 500 से अधिक कंपनियां होगी तैनात
बिहार चुनाव के लिए 5,000 से अधिक कर्मियों वाली केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CRPF )की 500 से अधिक कंपनियों को पूरे बिहार में तैनात करने के लिए चिह्नित किया गया है। इस तैनाती में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 121 कंपनियां और सीमा सुरक्षा बल (BSF) की लगभग 400 कंपनियां भी शामिल हैं। इसके साथ ही भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) और सशस्त्र सीमा बल (SSB) जैसे अन्य सीएपीएफ की टुकड़ियां भी शामिल हैं।
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सुरक्षा बलों को मिलेगी ये जिम्मेदारी
केंद्रीय बलों को सिर्फ वोटिंग वाले दिन की जिम्मेदारी नहीं दी गई है बल्कि उससे पहले चुनाव प्रचार, नामांकन और मतगणना की प्रक्रिया के दौरान भी जिम्मेदारी दी जाएगी। कुल मिलाकर, बिहार चुनाव के लिए इस बार भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। निर्वाचन आयोग और सुरक्षा एजेंसियां मिलकर यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि लोकतंत्र का यह महापर्व पूरी शांति और पारदर्शिता के साथ संपन्न कराया जाय।
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