'जितना बड़ा अपराधी, उतना बड़ा समाजवादी', पूर्व ADG ब्रजलाल ने अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी जैसे बाहुबली के बारे में किए कई बड़े खुलासे, VIDEO
उत्तर प्रदेश के पूर्व ADG ब्रजलाल ने कहा 'जितना बड़ा अपराधी, उतना बड़ा समाजवादी'। इस दौरान उन्होंने अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी जैसे बाहुबली के बारे में किए कई बड़े खुलासे किए।
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रिपब्लिक भारत के मेगा समिट 'मंथन 2026' का आयोजन, रविवार 19 जुलाई 2026 को हुआ था। राजधानी दिल्ली स्थित द ललित होटल में आयोजित इस महासम्मेलन में कई दिग्गज शामिल हुए थे। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी और BJP सांसद बृजलाल भी शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने कहा, 'जितना बड़ा अपराधी, उतना बड़ा समाजवादी।' इसके अलावा, उन्होंने अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी जैसे बाहुबली के बारे में किए कई बड़े खुलासे किए।
पूर्व ADG ब्रजलाल ने कहा, 'यूपी की जनता समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बारे में अच्छे से जानती है। अपराध की राजनीति समाजवादी पार्टी ने शुरू की। मैंने चम्बल ऑपरेशन से देखें हैं। जितना बड़ा अपराधी, उतना बड़ा समाजवादी।'
आगे उन्होंने कहा 'अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी, विजय मिश्रा, इन सभी को कौन लगा पार्टी में। यूपी में चुनाव होता था, तो डकैतों का फरमान जारी होता था और बोला जाता था कि एक ही पार्टी (समाजवादी पार्टी) को वोट देना है। फरमान में कहते थे कि अगर सपा को वोट नहीं देंगे तो जान से मार देंगे।
ददुआ नाम के डकैत पर क्या बोले?
ब्रजलाल ने कहा, 'मेरे लास्ट ऑपरेशन चित्रकूट में रहा, जब मैं एडीजी था। वहां पर एक ददुआ नाम का डकैत होता था। उस समय ददुआ का बेटा चुनाव लड़ता है, तो उस समय किसी की हिम्मत नहीं होती है कि कोई पर्चा डाल दें। ददुआ को नॉर्थ इंडिया का वीरप्पन कहा जाता था, जब वो फरार था। वो विधायक बनता है, उसके भाई बाल कुमार को सांसद बनाया जाता है। उसके भतीजे को विधायक बनाया जाता है। उनकी क्वालिटी का क्या थी? वो ददुआ के भाई, भतीजे और बेटे थे। तो ये राजनीति चलती थी उत्तर प्रदेश में।'
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अखिलेश यादव ने मेरे खिलाफ केस दर्ज कराया
ब्रजलाल ने कहा, 'अखिलेश जी आते हैं मुख्यमंत्री 20212 में। अखिलेश जी मेरे खिलाफ 18 मई, 2013 को बाराबंकी कोतवाली में हत्या का मुकदमा कायम कराया था। मैं डीजीपी से हटाया जा चुका था, डीजी सिविल डिफेन्स था। मेरे कसूर क्या था? मैं एटीएस चीफ रहा, एसटीएफ चीफ रहा। हमने आतंकवादी पकड़ा, अयोध्या ब्लास्ट, बनारस ब्लास्ट, लखनऊ ब्लास्ट, इंडियन मुजाहिदीन के आतंकी पकड़े थे। उसके बाद खालिद मुजाहिदीन कासमी। दोनों लखनऊ जेल से बंद थे। जब अयोध्या कोट से लौट रहे थे तब खालिद मुजाहिदीन को लू लगने से मौत हो गई।
आगे कहा, 'जब वो मार गए तो लोगों ने कहा ब्रजलाल ने गिरफ्तार कराया था, इसने मरवा दिया। इसके बाद मेरे खिलाफ हत्या का प्रयास के तहत मुकदमा किया गया और मुझे गिरफ्तार करने का प्रयास किया गया। सीबीआई को गया, सीबीआई ने कहा झूठा है। जब सीबीआई ने खत्म कर दिया, तब सीबीसीआईडी को दे दिया। उनका इरादा था कि अगर ब्रजलाल को जेल भेजेंगे, तो 2014 में मुसलमानों का वोट समाजवादी पार्टी को मिल जाएगा।'