अपडेटेड 12 April 2025 at 14:04 IST
BIG BREAKING: पाकिस्तान और ताजिकिस्तान में 5.8 तीव्रता का भूकंप, इस्लामाबाद से भारत के पुंछ तक हिली जमीन
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद और आसपास के इलाकों में 5.8 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया। झटके इतने तेज थे कि लोग दहशत में घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए।
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Earthquake Pakistan Tajikistan Islamabad J&K : पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद और आसपास के इलाकों में 5.8 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया। झटके इतने तेज थे कि लोग दहशत में घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, इस भूकंप का केंद्र ताजिकिस्तान के 110 किलोमीटर गहराई वाले हिस्से में था, जहां 4.2 तीव्रता का कंपन दर्ज किया गया।
इस भूकंप के झटके भारत के जम्मू-कश्मीर क्षेत्र के पुंछ और राजौरी जिलों में भी महसूस किए गए। फिलहाल जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है।
जम्मू-कश्मीर, पाकिस्तान और इस्लामाबाद में कांपी धरती
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक, पाकिस्तान में दोपहर करीब 1 बजे रिक्टरर पैमाने पर 5.8 तीव्रता का भूंकप आया। वहीं इस्लामाबाद में भी 5.8 तीव्रता का भूकंप आया, इसके साथ ही आसपास के इलाकों में भी भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। बता दें जम्मू-कश्मीर के पुंछ और राजौरी में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए।
कुछ ही दिनों पहले भूकंप ने म्यांमार में मचाई तबाही
फिलहाल पाकिस्तान, ताजिकिस्तान और भारत के अलावा और किन-किन देशों में भूकंप के झटके महसूस हुए हैं, इसकी जानकारी नहीं है। लेकिन हाल ही में म्यांमार में आए भूकंप से जो तबाही मची थी उसे शायद ही अभी तक कोई भूला पाया होगा। इस प्राकृतिक आपदा में तीन हजार से भी ज्यादा लोगों की मौत हो गई। जबकि सैकड़ों लोग लापता और घायल हो गए थे। भारत समेत दुनिया के कई देशों ने म्यांमार में राहत-बचाव कार्य के लिए मदद भेजी थी।
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भूकंप क्यों आता है?
भूकंप धरती की अंदरूनी सतह में मौजूद टेक्टोनिक प्लेटों के टकराने और उनके बीच ऊर्जा के अचानक मुक्त होने के कारण आता है। जब ये प्लेटें हिलती हैं, तो जमीन में तेज कंपन उत्पन्न होती है, जिसे भूकंप के झटकों के रूप में महसूस किया जाता है।
भूकंप के दौरान क्या करें ?
खुली जगह पर चले जाएं और इमारतों, पेड़ों, बिजली के खंभों से दूर रहें।
अगर घर के अंदर हैं, तो किसी मजबूत टेबल, बेड या कुर्सी के नीचे छिपें, ताकि गिरने वाली चीजों से बचा जा सके।
लिफ्ट या सीढ़ियों का इस्तेमाल न करें और शांत रहें।
सरकारी निर्देशों का पालन करें और भूकंप के बाद आफ्टरशॉक्स (दोबारा झटकों) के लिए तैयार रहें।
स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां स्थिति पर पैनी नजर बनाए रखे।
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(Note: यह एक ब्रेकिंग स्टोरी है। अधिक जानकारी के साथ अपडेट हो रही है)
Published By : Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड 12 April 2025 at 13:31 IST