‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान से अरुणाचल में बालिकाओं की स्कूल छोड़ने की दर घटी: मंत्री

महिला एवं बाल विकास मंत्री दासंगलू पुल ने कहा कि केंद्र की ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना से अरुणाचल प्रदेश में माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक स्तर पर लड़कियों की स्कूल छोड़ने की दर में कमी लाने में मदद मिली है।

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School Teachers
School Teacher | Image: PTI

महिला एवं बाल विकास मंत्री दासंगलू पुल ने कहा कि केंद्र की ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना से अरुणाचल प्रदेश में माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक स्तर पर लड़कियों की स्कूल छोड़ने की दर में कमी लाने में मदद मिली है। योजना की 10वीं वर्षगांठ के अवसर पर लोअर दिबांग घाटी जिले के रोइंग में आयोजित ‘बेटी जन्मोत्सव’ कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि 2019-20 में बालिकाओं के स्कूल छोड़ने की दर 30.89 प्रतिशत थी, जो 2021-22 में घटकर 12.5 प्रतिशत हो गई। पुल ने कहा कि लिंगानुपात के मामले में भी राज्य अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और 2023-24 तक 25 में से 14 जिलों में प्रति 1,000 पुरुषों पर 900 से अधिक महिलाएं दर्ज की गई।

उन्होंने कहा कि राज्य का लिंगानुपात प्रति 1,000 पुरुषों पर 948.68 महिलाएं है, जो राष्ट्रीय औसत 930 से अधिक है। उन्होंने बताया कि पांच जिलों - शि योमी, ईस्ट कामेंग, कामले, अपर सियांग और तवांग - में इस अवधि के दौरान लिंगानुपात 1,000 से अधिक दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि प्रथम तिमाही प्रसव पूर्व देखभाल (एएनसी) पंजीकरण में भी सुधार देखा गया, जो मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य का एक प्रमुख संकेतक है। उन्होंने बालिकाओं की तस्करी के संबंध में अधिक जागरूकता की आवश्यकता पर जोर दिया और उनकी सुरक्षा एवं कल्याण सुनिश्चित करने के लिए माता-पिता के सहयोग का आह्वान किया।

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मंत्री ने बच्चों को गोद लिए जाने के संबंध में सरकार द्वारा हाल ही में उठाए गए कदमों की जानकारी दी, जिनमें अंतर-जिला और अंतर-राज्यीय गोद लेने को प्राथमिकता देना, बाल और महिला हेल्पलाइन के प्रबंधन के लिए संविदा पदों का सृजन करने समेत कामकाजी महिलाओं के छात्रावासों के लिए धन आवंटित करना शामिल है।

Published By:
 Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड