मुझे 10 रुपए चोरी करने का दोषी ठहराया गया, अब अपमान बर्दाश्त नहीं होता...8वीं की छात्रा ने की खुदकुशी, सुसाइड नोट पढ़ कांप जाएगा कलेजा
अनेकल के मारसुरु सरकारी हाई स्कूल में पढ़ने वाली 8वीं क्लास की एक छात्रा ने शिक्षकों के कथित उत्पीड़न और अपमान से तंग आकर आत्महत्या कर ली। छात्रा का सुसाइड नोट पढ़ आपका भी कलेजा फट जाएगा।
- भारत
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बेंगलुरु के अर्बन जिले के अनेकल से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। यहां टीचर के डांट और चोरी के झुठे आरोपों से परेशान होकर एक छात्रा ने खुदकुशी कर ली। छात्रा के इस कदम के बाद स्कूल प्रशासन सवालों के घेरे में है। बच्ची अपने कमरे में ही मृत मिली। पुलिस ने एक सुसाइड नोट बरामद किया है, जिसमें छात्रा ने ऐसी बात लिखी है, जिसे पढ़कर हर कोई सन्न रह गाए।
अनेकल के मारसुरु सरकारी हाई स्कूल में पढ़ने वाली 8वीं क्लास की एक छात्रा ने शिक्षकों के कथित उत्पीड़न और अपमान से तंग आकर आत्महत्या कर ली। छात्रा ने इतना बड़ा कदम उठाने से पहले एक सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें उसने स्कूल के टीचिंग स्टाफ पर होमवर्क पूरा न करने पर सजा, जुर्माना और झूठे आरोप लगाने का आरोप लगाया है।
घर में फंदे से लटकी मिली छात्रा
छात्रा ने सुसाइट नोट में शिक्षकों के उसके प्रति दुर्व्यवहार और स्कूल में हुए घटनाक्रम का जिक्र किया है। मिली जानकारी के अनुसार, मधुश्री अनेकल के मारासुरु सरकारी हाईस्कूल में 8वीं में पढ़ती थी। गुरुवार रात वो अपने कमने में फंदे से लटकी मिली। छात्रा ने जब यह आत्मघाती कदम उठाया, तब उसकी मां हॉस्पटिल में भर्ती थी। शुक्रवार सुबह परिजनों को इस घटना की जानकारी हुई, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
टीचर ने दी TC देने की धमकी
छात्रा ने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि होमवर्क पूरा न करने पर एक शिक्षक ने उसे सजा दी और 20 रुपये का जुर्माना लगाया। उसे टीसी (ट्रांसफर सर्टिफिकेट) देने की भी धमकी दी गई थी। नोट में उसने आरोप लगाया कि स्कूल में उस पर पैसे चुराने का झूठा आरोप लगाया गया, जबकि उसने ऐसा कुछ नहीं किया था।
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सुसाइड नोट में छात्रा ने क्या-क्या लिखा?
नोट में लिखा है, 'स्कूल में जो हुआ, उससे मुझे बहुत गहरी चोट पहुंची है। मुझ पर पैसे चुराने का आरोप लगाया गया। 20 रुपये और 10 रुपये के मामले में मुझे दोषी ठहराया गया, जबकि मैंने ऐसा नहीं किया था। सभी टीचर मुझे डांटते हैं। मैं अब और इस अपमान और पीड़ा को सहन नहीं कर सकती थी। मुझे लगता है कि मैं इस दुनिया में जीने के लायक ही नहीं हूं। मां मुझे माफ कर देना।'
छात्रा ने सुसाइट नोट में लिखा कि उसकी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है। उसने अपनी मां, बड़ी बहन, छोटी बहन और छोटे भाई का ख्याल रखने की अपील की और मां से माफी मांगी। साथ ही उसने यह भी लिखा है कि मां और भाई-बहनों ने उसका ख्याल बहुत अच्छे से रखा है, इसलिए मेरी मां को डांटें या दोष न दें। मुझे माफ कर देना।
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मां ने टीचिंग स्टाफ पर लगाए गंभीर आरोप
छात्रा के मां ने टीचिंग स्टाफ पर बेटी को मानसिक रूप से परेशान करने का आरोप लगाया है। सूर्यनगर पुलिस ने अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस छात्रा के सुसाइड नोट, परिवार के बयान और स्कूल स्टाफ के बयान के आधार पर आगे की जांच कर रही है। यह घटना एक बार फिर स्कूलों में बच्चों पर पड़ने वाले मानसिक दबाव और शिक्षकों के व्यवहार पर सवाल खड़े कर रही है।