'एक बार आजादी का इतिहास पढ़ें बाबाजी, दिमाग खुल जाएगा...', धीरेंद्र शास्त्री पर बोले मौलाना रजवी बरेलवी

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि बागेश्वर धाम के बाबा धीरेंद्र शास्त्री हमेशा मुसलमानों के खिलाफ बोलने के लिए मौका तलाश करते हैं।

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ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने बागेश्वरधाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बागेश्वर धाम के बाबा धीरेंद्र शास्त्री हमेशा मुसलमानों के खिलाफ बोलने के लिए मौका तलाश करते हैं और वह चाहते हैं कि कहीं ना कहीं ऐसा कोई मौका मिले या कोई रास्ता मिले जिसमें मुसलमान को कटघरे में खड़ा किया जाए और उनके ऊपर इल्जाम तरासी की जाए।

मौलाना रजवी मे कहा कि उनको सोचना चाहिए और समझना चाहिए कि यही वह मदरसे हैं जिन मदरसों पर वह 26 जनवरी 'जश्न ए जम्हूरियत' ना मानने का इल्जाम लगा रहे हैं, यही वह मदरसे हैं जो 1857 से लेकर के 1947 तक हिंदुस्तान को आजाद करने में अहम किरदार निभाया था। ये तन के गोरे और मन के कालों को सात समंदर पार भेजने में इन मदरसों से जुड़े हुए उलेमाओं और इससे पढ़े हुए स्टूडेंट्स अहम रोल अदा किया है।  तारीख बताती है तकरीबन 55000 मदरसे से जुड़े हुए उलेमाओं ने अपनी मुल्क पर अपनी जान न्यौछावर की और कुर्बानी पेश की।

आजादी का इतिहास पढ़ें धीरेंद्र शास्त्री- रजवी बरेलवी

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि इन तमाम चीजों को बागेश्वर धाम के बाबा धीरेंद्र शास्त्री नकार रहे हैं। इनको इतिहास पढ़ना चाहिए, इनको पता करना चाहिए और किसी मदरसे में आकर वह देखें आज 26 जनवरी है, हम 'जश्न ए जम्हूरियत' मना रहे हैं। आज के दिन में किसी मदरसे का मुआयना करना चाहिए उनको देखना चाहिए की शान से मदरसे के उलेमाओं ने झंडा फहराया है, तिरंगे झंडे की शान बढ़ाई है। यह तिरंगा झंडा मदरसे की शान है, यह हमारे भारत की शान है। वह सरासर मुसलमान पर इल्जाम लगाते हैं और नकारते हैं तमाम हकीकतों को मैं उनसे कहता हूं, गुजारिश करता हूं कि बाबा जी एक बार आजादी का इतिहास जरूर पढ़िए आपका दिल और दिमाग खुल जाएगा। 

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Published By:
 Deepak Gupta
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