Ayodhya: राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में कैसे होगी एंट्री? यहां जानें नियम
अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी को होगी जिसकी सभी तैयारी पूरी है। जानें प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने के क्या-क्या नियम हैं।
- भारत
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Ayodhya Ram Mandir: राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी को होने जा रहा है, जिसमें महज 6 दिनों का समय रह गया है। साधु-संतों से लेकर दिग्गजों को प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने के लिए न्यौता भेजा गया है। उम्मीद की जा रही है कि लाखों की संख्या में श्रद्धालु आने वाले हैं। ऐसें में ये जान लेना जरुरी है कि मंदिर में आने के लिए क्या नियम (Ram Mandir Entry Rules) है।
खबर में आगे पढ़ें:
- राम मंदिर में कैसे प्रवेश करेंगे?
- क्या है प्राण प्रतिष्ठा के लिए मंदिर में प्रवेश के नियम?
प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन राम मंदिर में प्रवेश करने से पहले कई बातों का ध्यान रखना होगा। उससे पहले बता दें, कि आज से प्राण प्रतिष्ठा की विधियां शुरू हो चुकी है। जानें क्या-क्या है नियम। खाने का सामान, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस चमड़े के सामान के अलावा कई अन्य चीजों को मंदिर के अंदर लेकर जाना सख्त मना है।
प्राण प्रतिष्ठा के दौरान राम मंदिर के अंदर खाने की कोई भी चीज लेकर आप नहीं जा सकते हैं। चाहे वो घर का बना शुद्ध शाकाहारी भोजन हो या फिर बाहर से खरीदा हुआ, मंदिर के अंदर खाने के साथ प्रवेश वर्जित है।
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मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान किसी भी इलेक्ट्रॉनिक सामान को आप अपने साथ लेकर नहीं जा सकते। फिर चाहे वो घड़ी हो या फिर मोबाइल या कैमरा ही क्यों ना हो।
प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने के लिए आप बेल्ट, जूते या फिर पर्स लेकर राम मंदिर परिसर में प्रवेश नहीं कर सकते हैं।
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प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन पूजा की थाली अपने साथ लेकर मंदिर में प्रवेश ना करें क्योंकि पूजा की अनुमति नहीं दी जाएगी।
जिन-जिन लोगों को प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने का न्यौता मिला है, केवल उन्हीं लोगों को मंदिर में प्रवेश करने की अनुमती दी जाएगी।
स्वर्ण दरवाजे की खासियत क्या है?
भगवान राम से मिलने, उनको समीप से देखने के लिए राम भक्त लालायित हैं। मंदिर भव्य होगा और उसकी भव्यता से साक्षात्कार श्री राम मंदिर ट्रस्ट ने कराया है। प्रभु का मंदिर भी उनकी तरह ही चमके दमकेगा। मंदिर सज संवर चुका है। वो दर भी जिसके भीतर प्रभु 22 जनवरी को विराजेंगे। कुल 46 दरवाजे लगेंगे जिनमें से 42 पर 100Kg सोने की परत चढ़ाई जाएगी।
सीढ़ियों के नजदीक ही 4 दरवाजे लगाए जाएंगे। ये सोने के नहीं होंगे। इन्हें महाराष्ट्र की सागौन की लकड़ी से बनाया गया है। जिसको अपने हुनर से मांझा है हैदराबाद के कारीगरों ने यानि इस पर बारीक नक्काशी की फिर तांबे की परत चढ़ी उसके बाद सोने की परत।
गर्भ गृह में सोने का दरवाजा फिट हो गया है और इसका प्रमाण मंदिर ट्रस्ट ने एक तस्वीर के जरिए दिया है। पोस्ट में लिखा है- भगवान श्री रामलला सरकार के गर्भगृह में स्वर्ण मंडित द्वार की स्थापना के साथ ही भूतल पर सभी 14 स्वर्ण मंडित द्वारों की स्थापना का कार्य संपन्न हुआ। ये दरवाजा 12 फीट ऊंचा और 10 फीट चौड़ा है। प्राण-प्रतिष्ठा के बाद गर्भगृह में रामलला विराजेंगे। उनका सिंहासन भी स्वर्णयुक्त होगा। मंदिर का शिखर भी सोने का होगा, लेकिन इस काम को बाद में किया जाएगा। श्रीराम की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद उनकी चरण पादुकाएं भी स्थापित की जाएंगी। ये चरण पादुकाएं 1 किलो सोने और 7 किलो चांदी से गढ़ी गई हैं। इन्हें हैदराबाद के श्रीचल्ला श्रीनिवास शास्त्री ने गढ़ा है।