राघव चड्ढा पर AAP का ताबड़तोड़ प्रहार, सौरभ भारद्वाज, भगवंत मान के बाद आतिशी का तंज- राघव चड्ढा को सिलेंडर मिल जाता है क्या, वो तो BJP में...
Atishi attack Raghav Chadha: राघव चड्ढा के 'खामोश कराया गया हूं, हारा नहीं' वाले बयान पर अब दिल्ली की पूर्व CM आतिशी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से राघव BJP के खिलाफ बोलने को तैयार नहीं है संभव है कि वे BJP में चले जाएं।
- भारत
- 3 min read

Raghav Chadha news: राघव चड्ढा पर आम आदमी पार्टी के एक्शन से सियासी बवाल खड़ा हो गया है। अब दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने उन पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है राघव बीजेपी में जा रहे हैं। आतिशी ने पूछा कि राघव सरकार के खिलाफ बोलने से डर क्यों रहे हैं?
गुरुवार (2 अप्रैल) को आम आदमी पार्टी ने एक्शन लेते हुए उन्हें उप नेता के पद से हटा दिया गया। उनकी जगह अशोक मित्तल को यह जिम्मेदारी सौंपी गई। उप नेता पद से हटाए जाने के बाद राघव ने कहा कि उन्हें खामोश कराया गया है, लेकिन वे हारे नहीं।
‘राघव खास हैं, उन्हें सिलेंडर मिल जाता होगा’
उनकी प्रतिक्रिया सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी के तमाम नेता राघव पर हमलावर हो गए हैं। AAP नेता आतिशी ने उन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि TMC के अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने से राघव मना कर देते हैं। आज गैस सिलेंडर मुद्दा सबसे बड़ा है, राघव खास है तो उनको सिलेंडर मिल जाता होगा… इस मुद्दे पर भी वे चुप रहे।
उन्होंने कहा कि राघव ने तय कर लिया है कि वे BJP और मोदी जी की गोद में जाकर बैठ गए हैं। यह व्यक्तिगत अनबन नहीं है, सवाल व्यक्तिगत संबंध का नहीं हाै, यह सवाल देश और संविधान का है। सवाल यह है कि ये राघव मोदी जी और सरकार के खिलाफ बोलने से डर क्यों रहे हैं?
Advertisement
संभव है कि वे BJP में चले जाएं- आतिशी
आतिशी ने आगे कहा कि विपक्ष के नेता जिन्होंने कुछ गलत किया होता है, वे तुरंत BJP की गोद में जाकर बैठ जाते हैं। जिस तरह से राघव BJP के खिलाफ बोलने को तैयार नहीं है संभव है कि वे BJP में चले जाएं।
मुझे लगता है वो compromised हैं- भगवंत मान
आतिशी के अलावा पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी राघव चड्ढा पर निशाना साधा और कहा कि मुझे लगता है वो compromised हैं। उन्होंने राघव पर लिए गए एक्शन पर कहा कि पार्टी का संसदीय बोर्ड का नेता बदलता रहता है। मैं भी जब संसद में था तब भी कुछ बदलाव किए गए थे। ये बदलाव होते रहते हैं।
Advertisement
सीएम मान ने आगे कहा कि कई मुद्दे ऐसे होते हैं संसद में जब संसद में वॉकआउट करना होता है, लेकिन जब कोई सांसद नहीं करता है तो ये व्हिप का उल्लंघन होता है। इसलिए उसके बाद कार्रवाई की जाती है। सही वोटों को काटे जाने का मुद्दा हो या गुजरात में हमारे कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया, ऐसे मुद्दों को न उठाकर जब कैंटीन में समोसे का मुद्दा उठाया जाता है, डिलीवरी कितने समय में होगी ये मुद्दा उठाया जाता है।