आसाराम ने जोधपुर सेंट्रल जेल में किया सरेंडर, एयरपोर्ट पहुंचते ही उमड़ पड़ी लोगों की भीड़; जानें इससे पहले कहां-कहां गए?
नाबालिग से यौन शोषण के दोष में उम्रकैद काट रहे आसाराम ने जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर कर दिया है। राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश पर दिल्ली से जोधपुर पहुंचे थे, जहां एयरपोर्ट पर पहुंचते ही लोगों की भीड़ जमा हो गई। पढ़ें पूरी खबर।
- भारत
- 3 min read

Asaram Bapu Surrender: नाबालिग से यौन शोषण के दोष में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम ने जोधपुर पहुंचर केंद्रीय कारागृह में सरेंडर कर दिया है। राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश पर उनकी अंतरिम जमानत रद्द कर दी गई थी, जिसके बाद अब दिल्ली से जोधपुर पहुंकर आसाराम ने खुद ही सरेंडर किया।
हाईकोर्ट ने सरेंडर करने के दिए थे निर्देश
राजस्थान हाईकोर्ट की डिविजन बेंच ने सजा के खिलाफ अपील पर सुनवाई करते हुए आसाराम की दोषसिद्धि को बरकरार रखा। कोर्ट ने आसाराम की अंतरिम जमानत रद्द कर उन्हें सरेंडर करने का निर्देश दिया था। इसके बाद आसाराम दिल्ली से जोधपुर एयरपोर्ट पहुंचे।
एयरपोर्ट पर उमड़ पड़ी लोगों की भीड़
जोधपुर में एयरपोर्ट पर पहुंचते ही आसाराम के भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिसके चलते पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। इसके बाद एयरपोर्ट से आसाराम को सीधे उनके आश्रम लाया गया, यहां वो थोड़ी देर रुकने के बाद एम्स अस्पताल के लिए निकल गए। सामान्य जांच के बाद उन्हें केंद्रीय कारागृह पहुंचाया गया जहां उन्होंने सरेंडर किया।
क्या है पूरा मामला?
आसाराम बापू को पिछले दो साल में 15 बार जमानत मिल चुकी है। सेहत का हवाला देकर बार-बार राहत पाने के बाद अब राजस्थान हाईकोर्ट ने इसको लेकर सख्त रुख अपनाया। 27 मई 2026 को राजस्थान हाईकोर्ट की डिविजन बेंच ने आसाराम की उम्रकैद की सजा बरकरार रखी। कोर्ट ने उनकी अंतरिम जमानत रद्द कर दी और सरेंडर करने का आदेश दिया। इसके बाद आसाराम ने जोधपुर केंद्रीय कारागृह में सरेंडर कर दिया।
Advertisement
कैसे मिलती रहीं आसाराम को राहतें?
कोर्ट ने कहा कि दोषी की कमजोर सेहत पीड़िता की आवाज को नजरअंदाज करने का बहाना नहीं बन सकती। अदालत ने इसे 'शांत लेकिन तबाह करने वाली' बात बताते हुए साफ कहा कि स्वास्थ्य की दलील अब और नहीं चलेगी। आसाराम ने सेहत का हवाला देकर कई बार कोर्ट से राहत ली, जैसे अस्पताल में भर्ती और इलाज के लिए अंतरिम जमानत ली और इमरजेंसी पैरोल ली। खास तौर पर 2024-2025 के दौरान हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से उन्हें कई बार राहत मिली, जिसमें मार्च 2024 से जनवरी 2025 तक कई अवसर शामिल हैं।
आसाराम ने नाबालिग शिष्या का किया था यौन शोषण
आसाराम पर 2001-2006 के बीच अहमदाबाद के पास मोटेरा आश्रम में एक नाबालिग शिष्या का यौन शोषण करने का आरोप है। जोधपुर विशेष अदालत ने 2018 में उन्हें दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। बतादें आसाराम दो रेप मामलों में दोषी हैं। आसाराम के सरेंडर के बाद जोधपुर में सुरक्षा व्यवस्था ठीक रही। पुलिस ने एयरपोर्ट और आश्रम के आसपास भक्तों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए खास इंतजाम किए हुए थे।