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Updated May 19th, 2024 at 00:50 IST

BIG BREAKING: बुरे फंसे केजरीवाल के करीबी विभव, स्वाति मालीवाल पिटाई मामले में 5 दिन की पुलिस हिरासत

Swati Maliwal Case: स्वाति मालीवाल मारपीट मामले में तीस हजारी कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है।

Reported by: Digital Desk
Edited by: Kunal Verma
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Swati Maliwal Case: स्वाति मालीवाल मारपीट मामले में तीस हजारी कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। विभव कुमार को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। आपको बता दें कि दिल्ली पुलिस ने कहा था कि फोन को मुंबई में फॉर्मेट किया, फोन फॉर्मेट करने से पहले डाटा का क्लोन किया जाता है, हमको विभव को मुंबई लेकर जाना है, जहां इसने फोन फॉर्मेट किया था। उसे निजी तौर पर वहां ले जाए बिना जांच किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सकता है। 

दिल्ली पुलिस ने ये भी कहा कि अभी तक हमको फोन का पासवर्ड नहीं दिया है, इसलिए मोबाइल को ओपन करने के लिए एक्सपर्ट को देना होगा, बिना उसकी मौजूदगी के यह संभव नहीं है। दिल्ली पुलिस ने कहा कि महिला सांसद को पीटने की क्या वजह थी, यह पता लगाने के लिए भी हिरासत में पूछताछ की जरूरत है। इसके लिए विभव की सात दिनों की हिरासत जरूरी है, क्योंकि अन्य साक्ष्य के बारे में भी पूछताछ करनी है।

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विभव कुमार के वकील ने दी ये दलील

बिभव कुमार के वकील राजीव मोहन ने कहा कि 13 तारीख की घटना है, FIR 16 मई को दर्ज की गई, इसका कोई क्लेरिफिकेशन नहीं दिया गया। 13 तारीख से पहले वह कब मुख्यमंत्री के आवास पर गई, इसका कोई रिकॉर्ड नहीं दिया गया है। स्वाति अपनी मर्जी से मुख्यमंत्री के आवास पर गई। किसी के बुलाने पर नहीं गई। 13 तारीख से पहले कब गई, इसके बारे में कुछ नहीं बताया गया। 13 तारीख को जाने का मकसद क्या था, इसके बारे में भी नहीं बताया गया है। चुनाव का समय चल रहा है, CM की व्यस्तता होती है, वैसे भी उनको अंतरिम जमानत सीमित समय के लिए मिली हुई है। जिस समय पर मुख्यमंत्री के आवास पर गई, वह किसी से मिलने का आधिकारिक समय नहीं है। वह मुख्यमंत्री के दफ्तर नहीं गई, उनके आवास गई और ड्रॉइंग रूम में सोफे पर बैठी। स्वाति मालीवाल बिना पूर्व अपॉइंटमेंट के मुख्यमंत्री आवास शिविर कार्यालय पहुंची थी। यानी वो अपनी मर्जी से वहां पहुंची थी। वो अब ये भी बताएं कि इससे पहले कब बिना अपॉइंटमेंट के सीएम से मिलने गई थीं? इनका सीएम आवास पर जाने का मकसद क्या था?

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बिभव कुमार के वकील राजीव मोहन ने आगे कहा कि मीडिया में मुख्यमंत्री आवास से बाहर निकलने का वीडियो चल रहा है जिसमें वह शर्ट नहीं कुर्ती पहने हुए हैं। बटन खुलने की बात सही नहीं है। सेंट्रल टेबल पर सिर मारने की बात भी सही नहीं है। दिल्ली पुलिस तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश कर रही है। 112 की कॉल पर दिल्ली पुलिस तुरंत रिस्पॉन्स करती है। दिल्ली पुलिस को कॉल पर जो बताया उसपर तुरंत FIR नहीं दर्ज कराई। अगर किसी को चोट लगी होती है तो तुरंत पुलिस से मेडिकल हेल्प मांगता है और उसको अस्पताल ले जाया जाता है। यहां पर पुलिस के आने का इंतजार नहीं किया गया। ऐसा हो ही नहीं सकता है कि सिविल लाइन के एरिया में 112 की कॉल पर कोई रिस्पांस नहीं किया जाए और वह खाली चली जाए क्योंकि वहां पर मुख्यमंत्री का आवास है, LG का आफिस है।

विभव की अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज

इससे पहले विभव की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई थी। कोर्ट में विभव कुमार के वकील के बाद दिल्ली पुलिस की ओर से वकील ने अपना पक्ष रखा था। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा। इसके बाद एडिशनल पब्लिक प्रासीक्यूटर ने कोर्ट को बताया कि विभव कुमार को गिरफ्तार किया जा चुका है। कोर्ट ने आदेश में दर्ज किया कि सवा 4 बजे बिभव कुमार की गिरफ्तारी हुई है। कोर्ट ने कहा कि आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो गया है। इसलिए इस पर सुनवाई के कोई औचित्य नहीं बनता। याचिका निष्प्रभावी हो गई है।

विभव कुमार पर इन धाराओं में केस

विभव कुमार के खिलाफ IPC 354, 506, 509 और अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।

धारा 354 :- किसी महिला की लज्जा भंग करने के इरादे से उस पर हमला या आपराधिक बल प्रयोग

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धारा 506: आपराधिक धमकी के लिए सजा

धारा 509: अपमान करने के इरादे से किया गया शब्द संकेत या कृत्य

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धारा 323:-मारपीट करना

आपको बता दें कि आईपीसी 354 एक गैर-जमानती अपराध है, जिसका अर्थ है कि आरोपी को अदालत की अनुमति के बिना जमानत पर रिहा नहीं किया जा सकता है। इस अपराध के लिए सजा दो साल तक की कैद से लेकर सात साल तक की कैद तक हो सकती है और इसमें जुर्माना भी शामिल है।

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स्वाति ने FIR में लिखवाया था कि CM केजरीवाल घर में मौजूद थे। मैं ड्रॉइंग रुम तक गई और वहां इंतजार कर रही थी। विभव आया। गालियां देने लगा। बिना provocation थप्पड़ मारा। मारता रहा। मैंने शोर मचाया कहा मुझे छोड़ दो जाने दो। लगातार मारता रहा और हिंदी में गंदी गालियां देता रहा। धमकियां देता रहा- देख लेंगे, निपटा देंगे। छाती पर मारा। चेहरे पर मारा। पेट पर मारा। शरीर के निचले हिस्से पर मारा। मैने कहा मैं periods में हूं। बहुत पेन में हूं मुझे छोड़ दो। मैं भाग कर बाहर आई। बाहर आ कर पुलिस को फोन किया।

विभव कुमार ने भी पुलिस में दी है शिकायत

इससे पहले विभव कुमार ने ईमेल के जरिए सिविल लाइन्स पुलिस स्टेशन में स्वाति मालीवाल के खिलाफ शिकायत दी। विभव कुमार के ईमेल के मुताबिक, अवैध/अनधिकृत प्रवेश के लिए, मुख्यमंत्री के आवास पर अतिक्रमण करके सुरक्षा उल्लंघन पैदा करने, हंगामा करने और लोक सेवकों के साथ हस्तक्षेप करने के लिए स्वाति मालीवाल के खिलाफ शिकायत की गई है।

(रिपोर्टः अखिलेश राय)

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Published May 19th, 2024 at 00:50 IST

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