अपडेटेड 12 January 2026 at 23:57 IST
Arnab Vs AI: लंबे समय से चली आ रही भारत-अमेरिका ट्रेड डील कब तक हो सकती है फाइनल? AI का जवाब- आधी रात की एक कॉल...
AI ने कहा, इमानदारी से कहूं तो तेजी से भागती जिंदगी और राजनीतिक ट्रेड डील के बारे में मैं कोई सही टाइम लाइन नहीं बता सकती। ऐसा इसलिए क्योंकि आधी रात को किया गया सिर्फ कॉल सबकुछ बदल सकता है।
- भारत
- 4 min read

Arnab Vs AI: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तेजी से हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में दाखिल हो रहा है। किसका यकीन करना है और किसका नहीं, ये तय कर पाना अब पहले से मुश्किल हो चुका है। मौजूदा समय में पूरी दुनिया भर में एक बुनियादी सवाल खड़ा हो गया है कि क्या मशीनें वाकई उस दुनिया को समझ सकती हैं, जिसे वो आकार दे रही हैं? इन्हीं सब सवालों को लेकर रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर इन चीफ ने अपने शो 'नेशन वांट्स टू नो' पर AI से डिबेट किया। 'Arnab Vs AI' स्पेशल डिबेट में हर उन मुद्दों पर सवाल किया गया जो सीधे तौर पर राष्ट्रहित और आम जनता से जुड़ी थी।
इस शो में अर्नब ने भारत-अमेरिका के बिगड़ते-सुधरते रिश्तों और ट्रेड डील को लेकर सवाल किया। अर्नब ने पूछा- लंबे समय से चली आ रही भारत-अमेरिका ट्रेड डील कब तक फाइनल हो सकती है? इतना ही नहीं, उन्होंने ये भी पूछा कि डील होगी भी या नहीं? इस सवाल का जवाब AI ने भी ठीक वैसे ही दिया जैसे आंकड़े मौजूद हैं। AI ने कहा, इमानदारी से कहूं तो तेजी से भागती जिंदगी और राजनीतिक ट्रेड डील के बारे में मैं कोई सही टाइम लाइन नहीं बता सकती। ऐसा इसलिए क्योंकि आधी रात को किया गया सिर्फ कॉल सबकुछ बदल सकता है।
साल 1988 के टैरिफ वॉर का जिक्र कर AI ने दिया जवाब
AI ने एक वाक्या का जिक्र किया जब साल 1988 में 'कैसाब्लांका' फिल्म में इस्तेमाल हुए एक पियानो की नीलामी हुई थी। इस नीलामी में ट्रंप ने भी हिस्सा लिया था। लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। नीलामी जीती थी एक जापानी ट्रेडिंग कंपनी ने। ऑक्शन में मिली इस हार के बाद ट्रंप ने पहली बार टैरिफ शब्द का इस्तेमाल किया था। तब उन्होंने कहा था कि वह नीलामी में हार को गंभीरता से नहीं लेते, लेकिन यह जापान की बढ़ती संपत्ति का एक ताजा उदाहरण है।
इस घटना के अगले साल ट्रंप ने एक इंटरव्यू में जापान से आयात पर 15 से 20 प्रतिशत टैक्स लगाने की बात की थी। उस वक्त ट्रंप की पहचान एक बिजनेसमैन के तौर पर थी। उस वक्त ट्रंप ने कहा था, 'मैं टैरिफ में बहुत विश्वास करता हूं।' उन्होंने जापान, जर्मनी, सऊदी अरब और दक्षिण कोरिया के व्यापार तरीकों की आलोचना की थी। उन्होंने कहा था, ‘अमेरिका को लूट लिया गया है। हमें टैरिफ लगाना चाहिए और इस देश की रक्षा करनी चाहिए।’
Advertisement
इसी का उदाहरण देते हुए AI ने कहा कि जब कोई डील होती है तो आपसी रूचि पर निर्भर करती है। Blue Machines ने कहा कि AI का इस्तेमाल हालात समझने के लिए करना चाहिए ना कि भविष्य के फैसलों के लिए।
भारत से Maoist Terrorism के खात्मा होना चाहिए? जानिए AI का जवाब
Advertisement
अर्नब ने पूछा कि भारत से Maoist Terrorism का खात्मा क्यों जरूरी है? इसपर AI ने जवाब दिया, 'Maoist Terrorism जरूर समाप्त होना चाहिए क्योंकि ये एक बार में तीन चीजों को खत्म कर देती हैं। जनता, विकास और लोकतंत्र (People, Development and Democracy)। वो बेकसूर नागरिकों और सुरक्षाबलों की हत्या करते हैं। वो सड़के, स्कूलों और टेलीकॉम टावरों को जलाकर राख कर देते हैं।
इस सवाल के जवाब में AI ने आगे कहा कि Maoist Terrorist गरीबों का शोषण करते हैं। कौन सा समाज हथियारों से लैसे ऐसे लोगों को को अपनाना चाहेगा जो सड़कों, चुनावों को नुकसान पहुंचाते हों और कानून का पालन ना करते हों। वो जमीन, जंगल के अधिकारों को लेकर बहस कर सकते हैं लेकिन बैलेट के खिलाफ बुलेट लाना कोई राजनीति नहीं है। यह पूरी तरीके से समाज को पीछे धकेलने का काम है। भारत में संविधान है और उसके अधीन ही न्याय की प्रक्रिया है ना कि बंदूक के दम पर।
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 12 January 2026 at 23:57 IST