अपडेटेड 27 February 2025 at 18:43 IST
कोलकाता में ऐप आधारित कैब और बाइक की हड़ताल, यात्रियों को असुविधा
यात्रियों को बृहस्पतिवार को काफी असुविधा हुई, क्योंकि ऐप आधारित करीब 7,000 कैब और कई हजार बाइक सुबह शहर की सड़कों से नदारद रहीं।
- भारत
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यात्रियों को बृहस्पतिवार को काफी असुविधा हुई, क्योंकि ऐप आधारित करीब 7,000 कैब और कई हजार बाइक सुबह शहर की सड़कों से नदारद रहीं। कैब और बाइक के चालकों ने ऐप आधारित वाहन सेवा उपलब्ध कराने वाली कंपनियों पर किराया बढ़ाने की मांग को लेकर दबाव बनाने के लिए यह हड़ताल की।
सीआईटीयू से जुड़े ‘कोलकाता ओला उबर ऐप कैब संचालक एवं चालक यूनियन’ द्वारा आहूत 12 घंटे के बंद से यात्रियों का एक वर्ग प्रभावित हुआ, जो पिछले कुछ सालों से इस तरह के सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल के अभ्यस्त रहे हैं।
यूनियन के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘हम एग्रीगेट कानून के अनुसार, सालाना कैब किराया तय करने की मांग करते हैं, ताकि इसे तर्कसंगत और व्यावहारिक बनाया जा सके और ऐप के जरिये वाहन सेवा उपलब्ध कराने वाली कंपनियों द्वारा ऐप आधारित कैब के लिए प्रतिशत हिस्सेदारी बढ़ाई जा सके। हम गैर-एसी कैब के लिए 25 रुपये प्रति किमी, एसी कैब के लिए 30 रुपये प्रति किमी और ऐप से जुड़ी बाइक के लिए 12 रुपये प्रति किमी किराया तय करने की मांग कर रहे हैं।’’
उन्होंने दावा किया कि शहर में काम करने वाली ऐप आधारित लगभग 7,000 कैब और हजारों बाइक मांग के समर्थन में 12 घंटे तक सड़कों पर नहीं उतरीं।
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यूनियन के नेता ने कहा, ‘‘हम यह भी मांग करते हैं कि ऐप के जरिये वाहन सेवा मुहैया कराने वाली कंपनियों को केवल वाणिज्यिक पंजीकरण प्लेट वाली ऐप आधारित बाइकों को ही अनुमति दी जाए और परिवहन विभाग इसमें सक्रिय भूमिका निभाए।’’
उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक हो तो अधिकारियों को पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ऐप आधारित बाइकों के वाणिज्यिक पंजीकरण के लिए 31 मार्च की समय सीमा को एक महीने के लिए बढ़ा देना चाहिए। एआईटीयूसी से संबद्ध ‘पश्चिम बंगाल टैक्सी संचालक समन्वय समिति’ के महासचिव नवलकिशोर श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘हमने हड़ताल को नैतिक समर्थन दिया है।’’
हालांकि, यात्रियों ने आरोप लगाया कि गैर-ऐप टैक्सियों ने भारी किराए की मांग की। परिवहन विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि शहर और आस-पास के इलाकों में लगभग 25,000 ऐप आधारित कैब में से केवल 15-20 प्रतिशत ही सड़कों से नदारद रहीं और सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ा।
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Published By : Deepak Gupta
पब्लिश्ड 27 February 2025 at 18:43 IST