अनुराग चौहान को United Nations से मिला गोल्ड मेडल और ग्लोबल फेलोशिप

समाज सेवा के क्षेत्र में अपने उत्कृष्ट योगदान के लिए सोशल ऐक्टिविस्ट अनुराग चौहान को iCONGO और संयुक्त राष्ट्र द्वारा गोल्ड मेडल व रेक्स कर्मवीर ग्लोबल फ़ेलोशिप

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Anurag
Anurag | Image: Instagram

समाज सेवा के क्षेत्र में अपने उत्कृष्ट योगदान के लिए सोशल ऐक्टिविस्ट अनुराग चौहान को iCONGO और संयुक्त राष्ट्र द्वारा गोल्ड मेडल व रेक्स कर्मवीर ग्लोबल फ़ेलोशिप से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार उनके समाज में बदलाव लाने के लिए किए गए संघर्ष और समर्पण की सराहना करता है। अनुराग ने महिलाओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिए कई महत्वपूर्ण पहलें की हैं, जिससे लाखों महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।

अनुराग चौहान का सबसे प्रसिद्ध और प्रभावशाली प्रोजेक्ट 'WASH' है, जिसने 7 राज्यों में 45 लाख से अधिक महिलाओं को मासिक धर्म स्वच्छता के बारे में जागरूक किया। इस परियोजना के माध्यम से, महिलाओं को स्वच्छता और स्वास्थ्य के महत्व के बारे में जानकारी दी गई, जिससे उन्हें स्वस्थ और गरिमापूर्ण जीवन जीने में मदद मिल रही है।

इन कार्यों के लिए भी सम्‍मानित हो चुके हैं अनुराग चौहान

कला कारीगरों की मदद: पारंपरिक कारीगरी को बढ़ावा देना और कारीगरों के लिए नए अवसर सृजन।
COVID-19 राहत कार्य: महामारी के दौरान 8,000 से अधिक परिवारों तक खाद्य सामग्री और अन्य जरूरी सामान पहुंचाना।
सततता का प्रचार: पर्यावरणीय जागरूकता फैलाने के लिए डॉ. वंदना शिवा जैसे प्रसिद्ध पर्यावरणविदों के साथ साझेदारी।
सड़क कलाकारों के लिए सहायता: कठपुतली झुग्गी समुदाय के कलाकारों को सशक्त बनाना और उनके कार्यों को प्रोत्साहित करना।

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यह पुरस्कार अनुराग चौहान को 'करमवीर चक्र' के रूप में मिला, जो रेक्स करमवीर ग्लोबल फेलोशिप का हिस्सा है। यह सम्मान उन लोगों को दिया जाता है जिन्होंने मानवता के लिए असाधारण प्रयास किए हैं और जिनकी पहलें संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप हैं। इस सम्मान के साथ, उन्हें दुनिया भर के अन्य बदलाव लाने वालों के साथ काम करने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी पहलों का प्रभाव और बढ़ेगा।

अनुराग चौहान ने इस सम्मान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "यह सम्मान मेरी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि हमारे सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। हम सब मिलकर एक ऐसी दुनिया बना रहे हैं, जहां हर किसी को समानता और अवसर मिले। समाज में बदलाव लाना एक यात्रा है, और मैं खुश हूं कि हम इस दिशा में सही कदम बढ़ा रहे हैं।"

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अनुराग चौहान का परिचय

पैडमैन के नाम से मशहूर अनुराग चौहान ने साल 2014 में ह्यूमन्स फॉर ह्यूमैनिटी संस्था की स्थापना की, जो भारत के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महिलाओं के अधिकारों और स्वास्थ्य के लिए काम कर रही है। उनके द्वारा चलाया जा रहा WASH प्रोजेक्ट न केवल महिलाओं को मासिक धर्म स्वच्छता के बारे में शिक्षित करता है, बल्कि उन्हें ठोस समाधान भी प्रदान करता है। इस प्रोजेक्ट के तहत महिलाएं सस्ती, जैविक सैनिटरी पैड्स का उत्पादन करती हैं, जो न केवल टिकाऊ हैं, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में भी एक कदम है।

अनुराग चौहान ने 2018 में 'Breaking the Bloody Taboo' अभियान की शुरुआत की, जिसने मासिक धर्म से जुड़े मिथकों को चुनौती दी। राजस्थान के एक मंदिर में आयोजित एक कार्यशाला में, जहां पारंपरिक रूप से मासिक धर्म वाली महिलाओं का प्रवेश निषेध था, चौहान ने इसका आयोजन किया और इस घटना को समाज में एक सकारात्मक बदलाव के रूप में प्रस्तुत किया।

मिल चुके हैं कई राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार 

अनुराग चौहान को उनके अद्वितीय कार्य के लिए कई पुरस्कार मिल चुके हैं, जिसमें 2016 में संयुक्त राष्ट्र से 'कर्मवीर चक्र पुरस्कार' और 2019 में UNICEF और भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा 'इंटरनेशनल विमेन्स एम्पावरमेंट अवार्ड' शामिल हैं। उनके WASH प्रोजेक्ट को 2021 में महात्मा पुरस्कार से नवाजा गया है, जो पहले रतन टाटा, अजीम प्रेमजी, सुधा मूर्ति और शबाना आजमी जैसे प्रमुख व्यक्तित्वों को दिया जा चुका है।

Published By:
 Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड