Anti-Paper Leak Bill 2026: लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के बीच पास हुआ एंटी पेपर लीक बिल
लोकसभा में एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक, 2026 पारित हो गया है।
- भारत
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एंटी पेपर लीक बिल लोकसभा से पास हो गया। मंगलवार को बिल पर एक बार फिर चर्चा शुरू हुई। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बिल को लेकर सदन में सवाल उठाया। बिल पर 10 घंटे तक मैराथन चर्चा चली। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बिल पर विपक्ष के सवालों का जवाब दिया, इसके बाद बिल को पारित किए जाने के लिए लोकसभा में पेश किया गया, बिल ध्वनिमत से पारित हो गया।
लोकसभा में जोरदार हंगामें और पक्ष-विपक्ष की तीखी नोंकझोंक के बीच आखिरकर एंटी पेपर लीक बिल पास हो गया। अब निचले सदन से मंजूरी मिलने के बाद इस विधेयक को आगे की चर्चा और स्वीकृति के लिए राज्यसभा में भेजा जाएगा।
एंटी पेपर लीक बिल लोकसभा से पास
एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान लोकसभा में उस समय भारी हंगामा शुरू हो गया जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपने भाषण में गृह मंत्री का जिक्र कर उन पर गंभीर आरोप लगाए, उनके बयान पर सत्ता पक्ष ने कड़ा एतराज जताया और उनसे तथ्यों के प्रमाण मांगने शुरू कर दिए। विपक्ष के सवालों का जवाब केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने दिया। इसके बाद बिल पेश किया गया जो ध्वनिमत से पारित हो गया।
क्या कहता है नया कानून?
बता दें कि इस बिल के माध्यम से पेपर लीक और परीक्षा में धांघली से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने कई नए कदम उठाए हैं। नए विधेयक का मकसद सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024' में संशोधन करना है। इसके साथ ही सख्त कानूनी प्रावधानों के जरिए परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और ईमानदारी को बढ़ाना है, साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि छात्रों का भविष्य पूरी तरह सुरक्षित रहे।
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नए कानून के तहत कितनी होगी सजा?
सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 में सजा का भी प्रावधान है। नए प्रावधानों के अनुसार परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक करने या अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वाले व्यक्तियों को कम से कम 5 साल और अधिकतम 10 साल के कारावास की सजा हो सकती है। इसके साथ 50 लाख रुपये तक का जुर्माना का भी प्रावधान है।