महिलाओं और बच्चों के विकास के लिए 14 लाख आंगनवाड़ी केंद्र, 9 करोड़ को फायदा; मंत्री अन्नपूर्णा देवी की बात सुन मन खुश हो जाएगा
केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने बताया कैसे सरकार 14 लाख आंगनवाड़ी केंद्रों से महिलाओं-बच्चों का विकास कर रही है। पोषण और सुरक्षित माहौल पर पूरा फोकस है, पढ़ें पूरी खबर
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Women and Child Development News: केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने बताया कि महिला और बाल विकास विभाग देश के लिए कितना जरूरी है। ये विभाग केंद्र और राज्यों के साथ मिलकर काम करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का साफ लक्ष्य है कि महिलाओं को नेतृत्व के मौके मिलें और महिलाओं और बच्चों को पूरी तरह सुरक्षित माहौल मिले। मंत्री ने कहा कि ये काम सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर हो रहा है।
14 लाख आंगनवाड़ी केंद्र से जुड़े 9 करोड़ लाभार्थी
मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने बताया कि पूरे देश में 14 लाख आंगनवाड़ी केंद्र महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत चल रहे हैं। इन केंद्रों से करीब 9 करोड़ लोग फायदा उठा रहे हैं। इसमें ज्यादातर 3 से 6 साल के छोटे बच्चे शामिल हैं। इन बच्चों को रोज पौष्टिक खाना मिलता है। साथ ही उन्हें स्कूल जाने के लिए तैयार किया जाता है। आंगनवाड़ी बहनें बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाती हैं और उनकी सेहत का भी ध्यान रखती हैं।
ये 2 कार्यक्रम सबसे खास
मंत्री ने आगे कहा कि विभाग हर साल दो सबसे बड़े कार्यक्रम चलते हैं। पोषण माह और पोषण पखवाड़ा, इन दिनों गांव-गांव और शहर-शहर के लोगों को जागरूक किया जाता है। इस बार की थीम में 'श्री अन्न' यानी मोटे अनाज को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिससे स्थानीय खान-पान को प्रोत्साहन मिल रहा है। इससे बच्चों का स्वास्थ्य अच्छा रहता है और आसपास के किसानों को भी फायदा होता है।
बच्चों का विकास सबसे जरूरी
मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने साफ कहा कि प्रधानमंत्री का विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा जब हमारे छोटे बच्चे शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत होंगे। यही वजह है कि विभाग बच्चों के पोषण और पढ़ाई पर खास ध्यान दे रहा है। ये आंकड़े सिर्फ कागज पर नहीं हैं। 14 लाख आंगनवाड़ी केंद्र गांव-गांव पहुंचकर असली बदलाव ला रहे हैं। जब मां स्वस्थ होगी और बच्चा अच्छे पोषण के साथ स्कूल जाएगा, तो पूरा परिवार और पूरा देश आगे बढ़ेगा। महिलाओं को नेतृत्व देने का ये कदम समाज में बराबरी लाने का काम भी करता है। सरकार की ये कोशिश लगातार जारी है। आंगनवाड़ी केंद्र, पोषण कार्यक्रम और सुरक्षित माहौल ये तीनों मिलकर महिलाओं और बच्चों के भविष्य को मजबूत बना रहे हैं।