आंध्र प्रदेश में बच्चे पैदा करने पर मिलेगा इनाम! तीसरे बच्चे पर 30 हजार, तो चौथे पर 40 हजार देने का ऐलान

आंध्र प्रदेश में घटती आबादी रोकने के लिए CM चंद्रबाबू नायडू ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि सरकार जल्द नई जनसंख्या प्रोत्साहन नीति लाएगी, क्योंकि राज्य में जन्म दर लगातार घट रही है।

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CM Chandrababu Naidu
CM Chandrababu Naidu | Image: ANI

CM Chandra Babu Naidu: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने राज्य में घटनी जनसंख्या को रोकने लिए बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि राज्य में तीसरे बच्चे के जन्म पर परिवार को 30 हजार रुपये और चौथे बच्चे के जन्म पर 40 हजार रुपए दिए जाएंगे।

सीएम चंद्रबाबू नायडू ने यह ऐलान शनिवार (16 मई) को श्रीकाकुलम जिले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए किया। उन्होंने कहा कि पहले वह जनसंख्या नियंत्रण के पक्षधर थे, लेकिन अब समय बदल चुका है। अब उनकी सरकार जनसंख्या वृद्धि को बढ़ावा देने की दिशा में काम करेगी। इस दौरान उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इसके बारे में पूरी जानकारी एक महीने के भीतर दी जाएगी।

ज्यादा बच्चे पैदा करने पर मिलेगा पैसा!

मुख्यमंत्री नायडू ने कहा, 'जनसंख्या वृद्धि दर में गिरावट आ रही है। बच्चों को बोझ के रूप में न देखकर, उन्हें राष्ट्र की संपत्ति के रूप में देखा जाना चाहिए। जनसंख्या वृद्धि को प्रोत्साहित करने के प्रयासों के तहत, सरकार तीसरे बच्चे के जन्म पर परिवारों को 30,000 रुपये और चौथे बच्चे के जन्म पर 40,000 रुपये प्रदान करेगी।

राज्य में जन्म दर बढ़ाने की जरूरत- CM नायडू

इससे पहले आंध्र प्रदेश की सरकार दूसरा बच्चा पैदा करने वाले जोड़ों को 25 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि देने के प्रस्ताव पर भी विचार कर चुकी है। सीएम ने 5 मार्च को विधानसभा में इसकी जानकारी दी थी। वहीं बाद में स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव ने बताया कि सरकार अब तीसरे और चौथे बच्चे वाले परिवार को भी प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय ले चुकी है।

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उनके मुताबिक, आंध्र प्रदेश प्रदेश में बच्चे पैदा करने की दर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। वहीं दुनियाभर में माना जाता है कि किसी भी राज्य या देश की आबादी तब स्थिर रखती है जब हर महिला औसतन 2.1 बच्चों को जन्म दे।  

'राज्य की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है बुरा प्रभाव'

सीएम नायडू ने चेताते हुए कहा कि अगर यह दर और नीचे गिरती है तो राज्य की अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। उनका कहना है कि आजकल कई जोड़े आमदनी बढ़ने के बाद सिर्फ एक बच्चा रखना पसंद करते हैं, जबकि कुछ परिवार दूसरे बच्चे के बारे में तभी विचार करते हैं जब पहला बच्चा लड़का न हो। इस सोच के कारण राज्य की जनसंख्या वृद्धि दर लगातार कम हो रही है।

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‘बच्चों को बोझ नहीं, संपत्ति समझे’

इस दौरान मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि बच्चों को बोझ नहीं, बल्कि देश की संपत्ति के रूप में देखा जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने 2.1 के रिप्लेसमेंट लेवल टोटल फर्टिलिटी रेट (TFR) को बनाए रखने की जरूरत पर विशेष बल दिया। 

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Published By:
 Priyanka Yadav
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