BREAKING: AMU का अल्पसंख्यक दर्जा रहेगा या होगा खत्म? सुप्रीम कोर्ट कल सुनाएगा अहम फैसला

BREAKING: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के अल्पसंख्यक दर्जा की बहाली की मांग वाली याचिकाओं पर कल सुप्रीम कोर्ट की सात जजों की संविधान पीठ फैसला सुनाएगी।

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AMU minority status remain or will it end?
AMU minority status remain or will it end? | Image: PTI

अखिलेश राय

BIG BREAKING: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के अल्पसंख्यक दर्जा की बहाली की मांग वाली याचिकाओं पर कल सुप्रीम कोर्ट की सात जजों की संविधान पीठ फैसला सुनाएगी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से यह तय होगा कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय को अल्पसंख्यक संस्थान के रूप मे दर्जा दिया जाए या नहीं।

सुप्रीम कोर्ट अपने फैसले मे तय करेगा कि संविधान के अनुच्छेद 30 के तहत किसी शैक्षणिक संस्थान को अल्पसंख्यक संस्थान का दर्जा देने के मानदंड क्या हैं? साथ ही सुप्रीम कोर्ट ये भी तय करेगा कि क्या संसदीय कानून द्वारा निर्मित कोई शैक्षणिक संस्थान संविधान के अनुच्छेद 30 के अंतर्गत अल्पसंख्यक का दर्जा प्राप्त कर सकता है? 

CJI की अध्यक्षता वाली 7 जजों की संविधान पीठ कल फैसला सुनाएगी।

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साल 2005 में फैसले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी को अल्पसंख्यक संस्थान मानने से इंकार कर दिया था। इसके खिलाफ AMU ने SC में अर्जी दायर की थी।

1981 में मिला अल्पसंख्यक संस्थान का दर्जा

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1967 के एस अजीज बाशा बनाम भारत संघ मामले में सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय दिया था कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय एक सेंट्रल यूनिवर्सिटी है, इस कारण से इसे अस्पसंख्य संस्थान नहीं माना जा सकता है। लेकिन बाद में साल 1981 में संसद में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (संसोधन) अधिनियम पारित करके एएमयू को अल्पसंख्यक संस्थान का दर्जा दे दिया था।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रद्द किया था अल्पसंख्यक संस्थान का दर्जा

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय को साल 1981 में संसद द्वारा अल्पसंख्यक संस्थान के दर्जे को साल 2006 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था। हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ तत्कालीन यूपीए सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी। 2014 केंद्र में एनडीए की सरकार बनी और 2016 में केद्र सरकार ने इस अपील को वापस लेते हुए 1967 के एस अजीज बाशा बनाम भारत संघ मामले के निर्णय को आधार बनाते हुए अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के अल्पसंख्यक संस्थान के दर्जे को रद्द किए जाने के समर्थन किया। कोर्ट ने इसे अपने आदेश में एएमयू को केंद्रीय विश्वविद्यालय के रूप में देखा था। 

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Published By:
 Deepak Gupta
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