पाकिस्तान के साथ तनाव के बीच दिल्ली में बड़ी हलचल; दिनभर चलेगा ताबड़तोड़ बैठकों का दौर, PM मोदी CCS समेत 4 मीटिंग करेंगे
पाकिस्तान के साथ तनाव के बीच दिल्ली में बुधवार को दिनभर हलचल रहने वाली है। प्रधानमंत्री मोदी के एक्शन को लेकर हर किसी की नजर टिकी है।
- भारत
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PM Narendra Modi: आतंकवाद और आतंकवाद को पनाह देने वाले पाकिस्तान से पहलगाम का बदला लेने की भारत पूरी तैयारी कर चुका है। इस बार बड़ा प्रहार करने का प्लान है, ताकि आतंकवाद और पाकिस्तान की कमर टूट सके। भारत और पाकिस्तान सीमा पर पहले से तनाव के हालात हैं, जो आने वाले तूफान का भी संकेत हैं। वो इसलिए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीनों सेनाओं को पूरी छूट दे चुके हैं और अब फाइनल मुहर के लिए दिल्ली में बुधवार को कई बड़ी बैठकें होने वाली हैं।
पाकिस्तान के साथ तनाव के बीच दिल्ली में बुधवार को दिनभर हलचल रहने वाली है। प्रधानमंत्री मोदी के एक्शन को लेकर हर किसी की नजर टिकी है। 4 बड़ी बैठकें तय हैं, जिनमें प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी रहेगी। इन बैठकों में देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह समेत लगभग कई मंत्री मौजूद रहेंगे।
दिल्ली में पीएम मोदी की कौन-कौन सी बैठकें?
बुधवार को पहली बैठक कैबिनेट सुरक्षा कमेटी (CCS) की होने वाली है। इसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री मोदी करेंगे। उसके बाद पॉलिटिकल अफेयर्स पर कैबिनेट कमेटी (CCPA) की बैठक होगी। ये बैठक भी काफी अहम है। फिर प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में आर्थिक मामलों की कमेटी (CCEA) की बैठक होगी, जो तीसरी बड़ी मीटिंग है। बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की मीटिंग भी होगी, जो पहलगाम हमले के बाद पहली बैठक होगी।
पीएम मोदी ने सेना को खुली छूट दी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को एक बैठक की अध्यक्षता की जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान और तीनों सेनाओं के प्रमुख (सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी और एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह) शामिल हुए। बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी मौजूद थे।
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सरकारी सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री ने इस बात की पुष्टि की कि आतंकवाद को करारा झटका देना भारत का राष्ट्रीय संकल्प है। सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय सशस्त्र बलों की क्षमताओं में पूरा भरोसा और विश्वास जताया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों को भारत की प्रतिक्रिया के तरीके, लक्ष्य और समय पर निर्णय लेने की पूरी स्वतंत्रता है। सरकार ने कहा है कि हमले के लिए जिम्मेदार आतंकवादियों और इसके पीछे के साजिशकर्ताओं को कड़ी सजा मिलेगी।