नागपुर में चिड़ियाघर में वन्य जीवों को नहीं दिया जा रहा चिकन, क्या है कारण? जानें

नागपुर के एक वन्यजीव बचाव केंद्र में महाराजबाग चिड़ियाघर में वन्य जीवों को भोजन में चिकन देना अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।

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Bird Flu
Bird Flu | Image: PTI/ Representational

Nagpur: नागपुर के एक वन्यजीव बचाव केंद्र में तीन बाघों और एक तेंदुए की मौत के बाद यहां के महाराजबाग चिड़ियाघर में वन्य जीवों को भोजन में चिकन देना अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

महाराष्ट्र के वन मंत्री गणेश नाइक ने बृहस्पतिवार को कहा कि बाघों और तेंदुए की मौत ‘एवियन इन्फ्लूएंजा’ से हुई जो संभवतः चिकन खाने के बाद संक्रमित हुए। मंत्री ने कहा कि हालांकि इसकी पुष्टि रिपोर्ट आने पर ही होगी। उन्होंने कहा कि संबंधित चिड़ियाघरों के अधिकारियों को जानवरों को कुछ भी खिलाने से पहले उसकी जांच करने को कहा गया है और जिस वन्यजीव बचाव केंद्र में तीन बाघों और एक तेंदुए की मौत हुई है उसे अस्थाई रूप से बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।

‘बर्ड फ्लू’ या ‘एवियन इन्फ्लूएंजा’ एक प्रकार का वायरल संक्रमण है। महाराजबाग चिड़ियाघर के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी सुनील बाविस्कर ने कहा कि चिड़ियाघर में जानवरों को वही खाने को दिया जाता है जो वे आम तौर पर खाते हैं। नागपुर चिड़ियाघर में बाघों को चिकन नहीं खिलाया जाता है। उन्होंने कहा कि लेकिन तेंदुए और अन्य जंतुओं को मुर्गी और बत्तख (कुक्कुट) का मांस दिया जाता है। बाविस्कर ने कहा कि महाराजबाग चिड़ियाघर में कोई भी जानवर ‘बर्ड फ्लू’ से संक्रमित नहीं है और न ही किसी जानवर में संक्रमण के लक्षण हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन एहतियातन चिड़ियाघर में जानवरों के लिए चिकन की आपूर्ति रोक दी गई है।’’

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उन्होंने कहा कि नियमित साफ-सफाई के अलावा, चिड़ियाघर में हर दो दिन में कीटाणुनाशन प्रक्रिया दोहराई जा रही है।

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Published By:
 Priyanka Yadav
पब्लिश्ड