Amarnath Yatra 2026: कौन कर सकता है यात्रा और किन पर है पाबंदी? यहां पढ़ें रजिस्ट्रेशन और मेडिकल के ए-टू-जेड सभी नियम
Amarnath Yatra 2026 Guidelines: शिव भक्तों के लिए खुशी का मौका आ गया है। बता दें कि जुलाई से अमरनाथ यात्रा शुरू होने वाली है। ऐसे में यात्रा से जुड़े कुछ जरूरी नियम ध्यान में रखना बेहद जरूरी है।
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Amarnath Yatra 2026 Travel Guidelines: अमरनाथ यात्रा का नाम सुनते ही शिव भक्तों के मन में एक अलग ही उत्साह भर जाता है। हर कोई अपने जीवन में कम से कम एक बार बाबा बर्फानी के दर्शन करना चाहता है। लेकिन यह यात्रा भौगोलिक रूप से काफी कठिन होती है, इसलिए हर कोई इस पर नहीं जा सकता।
अगर आप भी इस साल अमरनाथ यात्रा पर जाने का मन बना रहे हैं, तो आपके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि इसके क्या नियम हैं और इसके लिए रजिस्ट्रेशन कैसे होता है।
यात्रा कब से शुरू होगी?
इस साल यह पवित्र यात्रा 3 जुलाई 2026 से शुरू होने जा रही है। यात्रा में शामिल होने के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। बिना रजिस्ट्रेशन के किसी को भी यात्रा पर जाने की अनुमति नहीं होती है।
रजिस्ट्रेशन कैसे करवाएं?
अमरनाथ यात्रा के लिए आप दो तरीकों से अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं।
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- ऑनलाइन तरीका: आप घर बैठे श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट (https://jksasb.nic.in/) पर जा सकते हैं। यहां मांगी गई सभी जरूरी जानकारी भरकर आप अपना रजिस्ट्रेशन पूरा कर सकते हैं।
- ऑफलाइन तरीका: अगर आप ऑनलाइन फॉर्म नहीं भरना चाहते, तो देश भर में मौजूद लगभग 550 बैंक ब्रांचों में जाकर ऑफलाइन भी आवेदन कर सकते हैं।
ध्यान रहे कि यात्रा का रजिस्ट्रेशन 'पहले आओ और पहले पाओ' के आधार पर किया जा रहा है। इसलिए आखिरी समय की भागदौड़ से बचने के लिए जल्दी आवेदन करें।
यात्रा में कौन जा सकता है और कौन नहीं?
सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए श्राइन बोर्ड ने कुछ सख्त नियम बनाए हैं।
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- उम्र की सीमा: यात्रा पर केवल वही लोग जा सकते हैं जिनकी उम्र 13 साल से 70 साल के बीच है। 13 साल से कम उम्र के बच्चों और 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों को इस कठिन यात्रा की अनुमति नहीं है।
- गर्भवती महिलाओं के लिए नियम: महिलाओं की सुरक्षा को देखते हुए, अगर कोई महिला 6 हफ्ते या उससे ज्यादा की गर्भवती है, तो वे इस यात्रा में शामिल नहीं हो सकतीं।
- मेडिकल सर्टिफिकेट: यात्रा पर जाने वाले हर श्रद्धालु के पास एक वैद्य मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट होना पूरी तरह से अनिवार्य है। यह भी ध्यान रखें कि यह सर्टिफिकेट 8 अप्रैल के बाद का ही बना होना चाहिए।