केजरीवाल की वजह से UP में टूटेगी 'दो लड़कों' की दोस्ती? कांग्रेस और सपा के बीच खिच गईं तलवारें, गठबंधन पर चैलेंज
अखिलेश यादव पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद कहते हैं कि वो उत्तर प्रदेश में कहें कि हम कांग्रेस के साथ नहीं रहेंगे, तब उन्हें समझ में आएगा।
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Congress Vs Samajwadi Party: अरविंद केजरीवाल की वजह से उत्तर प्रदेश में दो लड़कों (राहुल गांधी और अखिलेश यादव) की दोस्ती टूट जाएगी? ऐसा इसलिए कि इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस यानी INDI अलायंस के भीतर दिल्ली से उठी चिंगारी ने उत्तर प्रदेश की सियासत को भड़का दिया है। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच तलवारें निकलने लगी हैं। दिल्ली चुनाव को लेकर अखिलेश यादव का एक फैसला कांग्रेस को ऐसा चुभा है कि उत्तर प्रदेश में गठबंधन दांव पर लग चुका है।
कांग्रेस और समाजवादी पार्टी INDI गठबंधन का हिस्सा है। उसके अलावा लोकसभा चुनाव के समय उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव और राहुल गांधी की जोड़ी ने अपनी मजबूती दिखाई थी। दोनों दलों ने मिलकर 80 में से 43 लोकसभा सीटें जीती थीं। हालांकि अभी दिल्ली चुनावों के बीच उत्तर प्रदेश में गठबंधन के भीतर दरार पड़ चुकी है।
अखिलेश को इमरान मसूद का चैलेंज
दिल्ली चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी के फैसले पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद कहते हैं कि फैसला अखिलेश यादव का है। ये हमारा फैसला नहीं हैं। वो उत्तर प्रदेश में भी कहें कि हम कांग्रेस के साथ नहीं रहेंगे, तब उन्हें समझ में आएगा। उत्तर प्रदेश की 43 लोकसभा सीटें जीतकर हम आए हैं, ये कांग्रेस का दम है। राहुल गांधी के नाम पर हम ये सीटें जीतकर आए।'
आखिर अखिलेश के किस फैसले पर बवाल
दिल्ली चुनाव में अखिलेश यादव की पार्टी सपा ने केजरीवाल की पार्टी को समर्थन दिया है। पिछले दिनों अखिलेश ने कहा कि जो बीजेपी को हराएगा हम उनके साथ हैं और ये काम दिल्ली में आम आदमी पार्टी कर सकती है। वैसे अखिलेश ने उस समय ये भी स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी का AAP को समर्थन है, इसका मतलब ये नहीं कि वो कांग्रेस के विरोध में खड़े हैं। हालांकि सपा मुखिया का दिल्ली में AAP को समर्थन करना ही कांग्रेस के खिलाफ खड़े होने जैसा है और पार्टी को ये बर्दाश्त नहीं हो रहा है। इसीलिए कांग्रेस के नेता यूपी में अखिलेश यादव को गठबंधन तोड़ने का खुला चैलेंज देने लगे हैं।