अपडेटेड 29 January 2026 at 10:13 IST
Ajit Pawar Life Journey: बारामती से राजनीति की शुरुआत और वहीं खत्म हुआ जिंदगी का सफर...कभी ना भूलने वाला जख्म दे गए अजित पवार
Ajit Pawara Life Journey: अजित पवार के जाने से बारामती शोक में डूबी है। क्योंकि बारामती से ही अजित पवार ने अपनी राजनीति के शुरुआत की थी, किसे पता था कि अजित दादा की जिंदगी का सफर भी बारामती में ही खत्म हो जाएगा। बारामती किस तरह अजित पवार की जिंदगी का अहम हिस्सा रही। पढ़ें
- भारत
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Ajit Dada Life Journey: महाराष्ट्र का बारामती आज रो रहा है, क्योंकि अब अजित दादा नहीं रहे। बारामती को पवार परिवार का गढ़ माना जाता है, जहां से अजित पवार ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी। उन्होंने चाचा शरद पवार के प्रभाव में आकर राजनीति चुनी और बारामती उनका गढ़ बन गया। और इसी बारामती में अजित पवार ने अपनी आखिरी सांसें ली।
अजित पवार को खोना बारामती के लिए बहुत बड़ा दर्द है। पूरा शहर, गांव, समर्थक आज सब रो रहे हैं। अस्पताल के बाहर, उनके घर के पास, सड़कों पर 'अजित दादा... अजित दादा..' की पुकारें गूंज रही हैं। लोग कह रहे हैं कि, 'दादा हमारा परिवार थे, अब कौन हमारी सुनेगा?'
बारामती ने अजित पवार को बनाया 'दादा'
अजित पवार का जन्म 22 जुलाई 1959 को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के राहुरी तालुका के देवलाली प्रवरा (Deolali Pravara) में हुआ था। उन्होंने 1982 में राजनीति में एंट्री ली, इसके बाद चाचा शरद पवार के साथ चीनी मिल और सहकारी समितियों के बोर्ड में चुने गए। 1991 में लोकसभा चुनाव जीता, इसके बाद कई बार बारामती के विधायक बने। जल संसाधन मंत्री रहते सिंचाई परियोजनाओं से सूखाग्रस्त मराठवाड़ा और बारामती को नई जिंदगी दी। किसानों के लिए उनकी मेहनत मशहूर थी। वो 16-17 घंटे काम करते, कभी थकते नहीं थे। बारामती ने उन्हें वो ताकत दी जो कम नेताओं को मिलती है।
अपने दम पर राजनीति में बनाई पहचान
साल 2010 में अजित पवार पहली बार उपमुख्यमंत्री बने और बाद में जुलाई 2023 से इस पद पर फिर से कार्यरत थे। राजनीति उन्हें विरासत में मिली, मगर पहचान उन्होने अपने दम पर बनाई थी। राजनीति में आने से पहले वे लंबे समय तक सहकारिता आंदोलन से जुड़े रहे। यही वजह थी कि सहकारिता क्षेत्र में भी उनकी मजबूत पकड़ रही, खासकर पुणे डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन और शुगर फैक्टरियों से जुड़े होने के कारण।
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डिप्टी CM के अलावा संभाली ये जिम्मेदारी
डिप्टी CM पद के अलावा अजित पवार ने कृषि, बागवानी, बिजली और जल संसाधन मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी काम किया था। जल संसाधन मंत्री के रूप में उन्होंने कृष्णा घाटी और कोकण सिंचाई परियोजनाओं की जिम्मेदारी संभाली थी। जुलाई 2023 से वे फिर उपमुख्यमंत्री बने और दिसंबर 2024 से देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली एकनाथ शिंदे सरकार में महाराष्ट्र के 8वें उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत थे।
अजित पवार कई बार बनें डिप्टी CM
10 नवंबर 2010 - 25 सितंबर 2012 (मुख्यमंत्री: पृथ्वीराज चव्हाण), उप मुख्यमंत्री, अजित पवार
25 अक्टूबर 2012 - 26 सितंबर 2014 (मुख्यमंत्री: पृथ्वीराज चव्हाण),उप मुख्यमंत्री, अजित पवार
23 नवंबर 2019 - 26 नवंबर 2019 (मुख्यमंत्री: देवेंद्र फडणवीस),उप मुख्यमंत्री, अजित पवार
30 दिसंबर 2019 - 29 जून 2022 (मुख्यमंत्री: उद्धव ठाकरे),उप मुख्यमंत्री, अजित पवार
2 जुलाई 2023 -वर्तमान (मुख्यमंत्री: एकनाथ शिंदे / देवेंद्र फडणवीस सरकार), उप मुख्यमंत्री, अजित पवार
दिसंबर 2024 से देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में एकनाथ शिंदे के साथ महाराष्ट्र के 8वें उप मुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत रहें।
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फूट-फूटकर रोया परिवार
अजित पवार की मौत की खबर के बाद शरद पवार ने कहा कि, 'यह हादसा है, इसमें कोई साजिश नहीं। राजनीति मत घसीटो।' लेकिन उनकी आंखें लाल थीं। सुप्रिया सुले, सुनेत्रा पवार और बेटे पार्थ पवार भी टूट चुके हैं। परिवार में मतभेद भूलकर सब एक साथ रो रहे हैं। बारामती के लोग कहते हैं- ‘दादा हमें घर का सदस्य मानते थे। अब घर सूना लग रहा है।’
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का 28 जनवरी 2026 को बारामती में प्लेन क्रैश होने से निधन हो गया। वे मुंबई से बारामती जा रहे थे, जहां जिला परिषद चुनावों के लिए सभाएं करनी थीं। चार्टर्ड विमान लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया और आग लग गई। विमान में सवार सभी 5 लोग की मौत हो गई, जिसमें अजित पवार, दो पायलट (कैप्टन सुमित कपूर और को-पायलट शांभवी पाठक), पीएसओ विदिप जाधव और फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली शामिल थीं।
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 29 January 2026 at 10:13 IST