'ये कामयाबी है हक की झूठ के ऊपर, छात्रों की जद्दोजहद और कुर्बानी...', धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बोले AIMIM चीफ ओवैसी

AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कहा, "लोकशाही चलानी है तो संविधान के दायरे में चलाना होगा, छात्रों की ये बड़ी जीत है। "

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Asaduddin Owaisi
Asaduddin Owaisi | Image: X

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सभी दलों के नेताओं की ओर से लगातार प्रक्रिया आ रही है। AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी छात्रों के आंदोलन और धमेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि , ये कामयाबी है हक की झूठ के ऊपर की है। ये कामयाबी उन सभी लोगों के लिए हैं जो भारत के संविधान में विश्वास रखते हैं।

मीडिया से बात करते हुए AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कहा, "ये कामयाबी है हक की झूठ के ऊपर, "ये कामयाबी है उन तमाम नौजवानों की, उनकी जद्दोजहद और उनकी कुर्बानी की। मैं उनको मुबारकबाद भी देता हूं।"

लोकशाही संविधान के दायरे में चलेगा-औवैसी

वहीं, केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए औवैसी ने आगे कहा, "यदि मोदी सरकार समझती है कि वे कुछ भी कर सकती है तो इस आंदोलन ने इस बात का खुला पैगाम दे दिया है कि अब तानाशाही नहीं चलेगी। लोकशाही चलानी है तो संविधान के दायरे में चलाना होगा। हम उम्मीद करते हैं कि कहीं भी, किसी प्रदेश में या राष्ट्रीय स्तर के पेपरों को लेकर लीक की घटना नहीं होगी। "

धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफे पर क्या कहा?

धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया पर अपने इस्तीफा का ऐलान किया और वजह भी बताई। अपने चिट्ठी में उन्होंने लिखा कि पिछले चार दशक से अधिक समय से वह छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं। उनका हमेशा से मानना रहा है कि मजबूत, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही किसी भी राष्ट्र के विकास की आधारशिला होती है। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सेवा का मौका मिलने के लिए आभार जताया।

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अपने चिट्ठी में उन्होंने लिखा कि पिछले चार दशक से अधिक समय से वह छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं। उनका हमेशा से मानना रहा है कि मजबूत, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही किसी भी राष्ट्र के विकास की आधारशिला होती है। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सेवा का मौका मिलने के लिए आभार भी जताया।

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Published By:
 Rupam Kumari
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