अपडेटेड 18 February 2026 at 23:55 IST
AI Impact Summit 2026: समिट को लेकर राष्ट्रपति मैक्रों का जोश हाई... 100+ देशों और 300+ एक्जिबिटर्स की मौजूदगी वाले इवेंट में अबतक क्या-क्या हुआ?
AI Impact Summit 2026: नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित AI Impact Summit 2026 चर्चा का केंद्र बना हुआ है। इस AI Impact Summit में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, गूगल जैसी बड़ी कंपनियों के CEO और 500 से अधिक स्टार्टअप्स हिस्सा ले रहे हैं।
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AI Impact Summit 2026: नई दिल्ली के भारत मंडपम में 16 फरवरी से शुरू हुआ AI Impact Summit 2026 चर्चा का केंद्र बना हुआ है। यह समिट अब तक भविष्य के AI से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों और आयोजनों का साक्षी बना है। दिल्ली में हो रहे इस आयोजन ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं और बड़ी सुर्खियां बटोरी हैं।
AI Impact Summit में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ब्राजील के राष्ट्रपति लुला दा सिल्वा और अन्य 20 से अधिक देशों के नेता, गूगल जैसी बड़ी कंपनियों के CEO और 500 से अधिक स्टार्टअप्स हिस्सा ले रहे हैं।
समिट को लेकर राष्ट्रपति मैक्रों तैयार
AI से जुड़े इस बड़े समिट के लिए फ्रांस के प्रेसिडेंट इमैनुएल मैक्रों काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं। इसका प्रमाण उन्होंने अपने X पोस्ट के जरिए दिया, जिसमें उन्होंने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ AI से बनी एक फोटो शेयर की। बता दें, यह फोटो उन्होंने अपने 3 दिन के भारत दौरे के बीच में शेयर की है, क्योंकि वह गुरुवार को दिल्ली में इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में शामिल होने वाले हैं।
मैक्रों ने लिखा, ‘जब दोस्त जुड़ते हैं, तो…’
दरअसल, मैक्रों ने पीएम नरेंद्र मोदी के साथ की एक फोटो शेयर की, जिसके फोटो कैप्शन में लिखा था, ‘जब दोस्त जुड़ते हैं, तो इनोवेशन होता है। AI इम्पैक्ट समिट के लिए तैयार!’ खास बात ये है कि यह इमेज AI से बनाई गई थी और इस पर लिखा भी था ‘Yes, this is AI’।
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बता दें, मैक्रों अपनी पत्नी ब्रिगिट मैक्रों के साथ मंगलवार आधी रात को मुंबई पहुंचे थे और और AI इम्पैक्ट समिट के लिए दिल्ली जाने से पहले भारत की फाइनेंशियल कैपिटल में एक दिन बिताया।
ग्लोबल साउथ में आयोजित पहला बड़ा AI समिट
बता दें, AI Impact Summit 2026 ग्लोबल साउथ में आयोजित पहला बड़ा AI समिट है, जिसमें 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष, 60 मंत्री और 500 से ज्यादा वैश्विक AI विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। यह समिट न केवल तकनीकी प्रदर्शन बल्कि भविष्य की नीतियों के लिए भी एक बड़ा मंच साबित हुई है। आइए जानते हैं, अबतक इस समिट में क्या-क्या खास रहा?
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तीन दिन के कार्यक्रम में अबतक क्या रहा खास?
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड (Guinness World Record)
भारत ने समिट के दौरान एक नया विश्व रिकॉर्ड कायम किया है। 'AI Responsibility Campaign' के तहत मात्र 24 घंटों में 2,50,946 से अधिक लोगों खासकर छात्रों ने AI के जिम्मेदार उपयोग की शपथ ली। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड की ओर से न्यूनतम 5,000 प्रतिज्ञाओं का लक्ष्य तय किया गया था, लेकिन देशवासियों ने उम्मीद से कहीं ज्यादा समर्थन दिया।
प्रमुख सत्र और घोषणाएं (Key Sessions)
- कंप्यूटिंग पावर में बढ़ोतरी
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि भारत अपने मौजूदा 38,000 GPU क्लस्टर में 20,000 से अधिक नए GPU जोड़ेगा। यह स्टार्टअप्स और रिसर्चर्स को सब्सिडी वाली दरों पर उपलब्ध कराए जाएंगे।
- एजेंटिक AI न्यूज रूम (Agentic AI Newsroom)
समिट में AWS और BharatGen द्वारा विकसित एक ऐसा न्यूज रूम दिखाया गया जो AI की मदद से खुद खबरें एडिट और मैनेज कर सकता है।
- भारत का अपना स्वदेशी मॉडल: BharatGen
समिट में सरकार समर्थित BharatGen Param2 (17B) मॉडल लॉन्च किया गया। यह एक मल्टीमॉडल फाउंडेशन मॉडल है जो 22 भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करता है और इसे विशेष रूप से भारतीय संदर्भों (Multilingual context) के लिए डिजाइन किया गया है।
- Anthropic का भारत में प्रवेश
प्रसिद्ध AI कंपनी 'एंथ्रोपिक' (Anthropic) ने बेंगलुरु में अपना कार्यालय खोलने और स्थानीय स्तर पर कृषि व कानून जैसे क्षेत्रों के लिए कार्य करने की घोषणा की है।
- Real-time Voice Cloning
समिट में 'सर्वम AI' द्वारा रियल-टाइम वॉयस क्लोनिंग और 'इंडस चैट ऐप' (Indus Chat) जैसे भारतीय समाधानों ने काफी ध्यान खींचा।
इवेंट का विस्तार (Extension)
भारी जनसैलाब और लोगों के उत्साह को देखते हुए सरकार ने समिट को एक दिन के लिए बढ़ा दिया है। अब यह 21 फरवरी 2026 तक चलेगा। हालांकि, 19 फरवरी को VIP मूवमेंट के कारण एक्सपो आम जनता के लिए बंद रहेगा, लेकिन 20 और 21 फरवरी को यह फिर से खुलेगा।
गलगोटिया यूनिवर्सिटी पर विवाद
इस ग्लोबल समिट के तीसरे दिन एक ऐसा विवाद भी सामने आया। गलगोटिया यूनिवर्सिटी को प्रदर्शनी से बाहर कर दिया गया। यूनिवर्सिटी पर आरोप लगा है कि उन्होंने चीन के एक 'रोबो-डॉग' को अपना स्वदेशी आविष्कार बताकर प्रदर्शित किया था। इसके बाद उनके पवेलियन की बिजली काट दी गई और उन्हें जगह खाली करने का आदेश दिया गया। विवाद बढ़ने के बाद यूनिवर्सिटी ने माफी मांग ली है।
दिग्गज हो रहे शामिल
इस आयोजन में दुनिया भर के दिग्गज शामिल हो रहे हैं, जिसमें फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ब्राजील के राष्ट्रपति लुला दा सिल्वा और अन्य 20 से अधिक देशों के नेता शामिल हैं। इसके अलावा गूगल (Sundar Pichai), माइक्रोसॉफ्ट, IBM और एडोबी जैसे दिग्गजों के CEO भी इस मेगा इवेंट का हिस्सा होने वाले हैं। इसके अलावा 10 से अधिक थीम वाले पवेलियंस में 300+ एक्जिबिटर्स और 500+ स्टार्टअप्स अपनी तकनीक दिखा रहे हैं।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 18 February 2026 at 23:47 IST