बदला तो नहीं? अहमदाबाद प्लेन क्रैश में भारत के इस 'दुश्मन' का नाम लेकर बाबा रामदेव ने जताया शक, कर दी जांच की मांग
अहमदाबाद में हुए भीषण विमान हादसे को लेकर जांच एजेंसियों ने पड़ताल तेज कर दी है। इस बीच योग गुरु बाबा रामदेव ने इस दुर्घटना के पीछे संभावित अंतरराष्ट्रीय साजिश की आशंका जताई है।
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अहमदाबाद में हुए भीषण विमान हादसे को लेकर जांच एजेंसियों ने पड़ताल तेज कर दी है। इस बीच योग गुरु बाबा रामदेव ने इस दुर्घटना के पीछे संभावित अंतरराष्ट्रीय साजिश की आशंका जताई है। उन्होंने खासतौर पर तुर्किए को लेकर सवाल उठाए हैं और मांग की है कि जांच एजेंसियां इस ऐंगल से भी जांच करें।
दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बात करते हुए रामदेव ने कहा, "मुझे जानकारी मिली है कि जिस एजेंसी ने इस विमान की मेंटिनेंस पहले संभाली थी, उसका संबंध तुर्किए से था। तुर्किए इस समय भारत विरोधी गतिविधियों में पाकिस्तान का साथ दे रहा है। हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के बाद तुर्किए और भारत के रिश्तों में तनातनी आई है। कहीं यह उसी का बदला तो नहीं है?"
'विदेशी दखल को पूरी तरह खत्म करना होगा'
जब उन्हें बताया गया कि संबंधित मेंटिनेंस एजेंसी का कॉन्ट्रैक्ट दो महीने पहले ही समाप्त हो गया था, तो रामदेव ने कहा, "इसीलिए भारत को ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में विदेशी दखल को पूरी तरह खत्म करना होगा। हर स्तर पर स्वदेशी समाधान की दिशा में काम करना चाहिए।" गुरुवार को लंदन के लिए रवाना हो रहा एयर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर टेकऑफ के एक मिनट के भीतर ही क्रैश हो गया।
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हादसे में अबक 274 लोगों की मौत हुई है। जबकि एकमात्र जीवित यात्री को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। विमान अहमदाबाद मेडिकल कॉलेज परिसर में गिरा, जिससे वहां मौजूद छात्रावास और इमरजेंसी यूनिट को भी नुकसान पहुंचा।
दोनों इंजन का साथ फेल होना सवालों के घेरे में
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तकनीकी विशेषज्ञ भी इस सवाल से हैरान हैं कि एक साथ दोनों इंजन कैसे फेल हो सकते हैं। ब्लैक बॉक्स रिकवर कर लिया गया है और उसे विश्लेषण के लिए दिल्ली भेजा गया है। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB), DGCA, अहमदाबाद क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस के साथ-साथ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) भी जांच में शामिल हो गई है। सूत्रों के अनुसार एनआईए ने शुक्रवार को दुर्घटनास्थल का मुआयना किया।
इस हादसे के बाद विदेश मंत्रालय भी सक्रिय हो गया है। जानकारी के मुताबिक, भारत सरकार ने एयर इंडिया और DGCA से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इसके अलावा सुरक्षा एजेंसियां भी इस पहलू पर गौर कर रही हैं कि कहीं यह भारत के खिलाफ किसी "हाइब्रिड वारफेयर" का हिस्सा तो नहीं।