बसंत पंचमी के बाद प्रयागराज के होटलों में फिर बहार आने की उम्मीद

महाकुंभ में मौनी अमावस्या पर हुई भगदड़ के बाद बुकिंग घटने से चिंतित होटल मालिकों ने बसंत पंचमी स्नान के बाद इसमें (बुकिंग में) फिर से तेजी आने की उम्मीद जताई है । अब होटल मालिक स्वयं फोन करके अतिथियों से अपील कर रहे हैं कि वे निःसंकोच महाकुंभ में आएं और पुण्य के भागीदार बनें।

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Maha Kumbh 2025
प्रयागराज | Image: ANI

महाकुंभ में मौनी अमावस्या पर हुई भगदड़ के बाद बुकिंग घटने से चिंतित होटल मालिकों ने बसंत पंचमी स्नान के बाद इसमें (बुकिंग में) फिर से तेजी आने की उम्मीद जताई है । अब होटल मालिक स्वयं फोन करके अतिथियों से अपील कर रहे हैं कि वे निःसंकोच महाकुंभ में आएं और पुण्य के भागीदार बनें।

‘प्रयागराज होटल एंड रेस्तरां वेलफेयर एसोसिएशन’ के अध्यक्ष सरदार हरजीत सिंह ने बताया, “29 जनवरी की घटना के बाद बुकिंग तेजी से घट गई क्योंकि जिन्होंने बुकिंग कराई थी वे होटल तक पहुंच नहीं सके। हालांकि अब स्थिति सामान्य है और हम लोगों से बसंत पंचमी स्नान पर्व के बाद प्रयागराज आने की अपील कर रहे हैं ताकि उन्हें किसी तरह की समस्या का सामना ना करना पड़े।”

उन्होंने कहा, “घटना के दिन से ही लोगों ने होटल में कमरों की बुकिंग निरस्त करानी शुरू कर दी थी क्योंकि 28, 29 और 30 जनवरी को बहुत से लोग, प्रयागराज की सीमा पर रोक दिए जाने से होटल तक पहुंच ही नहीं सके। इससे होटलों के 40-50 प्रतिशत तक कमरे खाली रह गए।”

शहर में ‘प्रयाग इन’ नाम से होटल चलाने वाले अनिल कुमार गुप्ता ने कहा, “हमारे होटल में 25 प्रतिशत तक बुकिंग निरस्त हुई। हम लोगों से बसंत पंचमी स्नान के बाद महाकुंभ में आने की अपील कर रहे हैं क्योंकि तब तक बाहरी वाहन शहर में आने लगेंगे।”

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उन्होंने कहा, “मौनी अमावस्या के बाद उनके होटल में कई कमरे खाली रह गए क्योंकि लोग होटल तक पहुंच ही नहीं सके । साथ ही, होटल में रुके लोग अपने गंतव्यों के लिए निकल नहीं सके। हमने ऐसे लोगों से एक दो दिन तक रुकने का कोई शुल्क नहीं लिया क्योंकि हमारे कमरे खाली थे।”

हरजीत सिंह ने कहा, “इस घटना का प्रयागराज के होटलों पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ा। हमें इस बात का कष्ट नहीं है कि हमारी बुकिंग निरस्त हो गई, बल्कि इस बात का दुख है कि जिन लोगों ने पैसा दिया और वे नहीं पहुंच सके.. हम उनका आतिथ्य सत्कार नहीं कर सके।”

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उन्होंने कहा, “सरकार को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए कि लोग कम से कम होटल तक पहुंच सकें। प्रयागराज की सीमा से 15-20 किलोमीटर दूर से लोग घर की महिलाओं, बच्चों और सामान के साथ पैदल चलकर होटल पहुंच सकें, यह संभव नहीं था।”

उन्होंने कहा, “दुखद बात यह है कि लोगों को महाकुंभ में आकर गंगा मैया का आशीर्वाद प्राप्त करना था, वह नहीं हो सका। हालांकि, बसंत पंचमी स्नान के बाद की तिथियों में होटल बुकिंग पर कोई खास असर नहीं है और होटल वाले लोगों को समझा रहे हैं कि अब स्थिति सामान्य है।”

हरजीत सिंह ने कहा कि इस घटना को यूट्यूब वालों और ‘सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स’ ने हौवा बना दिया जिससे लोगों के मन में डर बैठ गया है, लेकिन होटल वालों के समझाने से बहुत से लोग महाकुंभ मेले में आने को तैयार भी हैं और वे बुकिंग निरस्त नहीं करा रहे हैं।

(Note: इस भाषा कॉपी में हेडलाइन के अलावा कोई बदलाव नहीं किया गया है)

Published By:
 Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड