अपडेटेड 28 January 2025 at 19:11 IST
देश में करीब 55 प्रतिशत ट्रक ड्राइवरों की नजर कमजोर: रिपोर्ट
भारत में करीब 55.1 प्रतिशत ट्रक ड्राइवरों की नजर कमजोर है, जबकि 53.3 प्रतिशत को दूर की दृष्टि में सुधार की जरूरत है और 46.7 प्रतिशत को निकट दृष्टिदोष के उपचार की जरूरत है।
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भारत में करीब 55.1 प्रतिशत ट्रक ड्राइवरों की नजर कमजोर है, जबकि 53.3 प्रतिशत को दूर की दृष्टि में सुधार की जरूरत है और 46.7 प्रतिशत को निकट दृष्टिदोष के उपचार की जरूरत है। मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), दिल्ली द्वारा तैयार इस रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 44.3 प्रतिशत ड्राइवरों में शरीर द्रव्यमान सूचकांक (बीएमआई) सीमा रेखा या उससे अधिक है जबकि 57.4 प्रतिशत में रक्तचाप का स्तर बढ़ा हुआ है और 18.4 प्रतिशत में ब्लड शुगर सीमा रेखा या उससे अधिक पाया गया।
आईआईटी दिल्ली ने यह रिपोर्ट फोरसाइट फाउंडेशन के सहयोग से तैयार की है। इसके लिए उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु राज्यों के कुल 50,000 ट्रक ड्राइवरों की जांच की गई।
रिपोर्ट कहती है कि लगभग 33.9 प्रतिशत ट्रक ड्राइवरों ने मध्यम स्तर के तनाव होने की जानकारी दी, जबकि 2.9 प्रतिशत में तनाव का उच्च स्तर पाया गया, जिससे मानसिक स्वास्थ्य सहायता की जरुरत को बल मिलता है।
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ट्रक देशभर में जरूरी सामानों की ढुलाई के अहम साधन हैं। ट्रकों को भारतीय लॉजिस्टिक क्षेत्र की रीढ़ भी कहा जाता है।
हालांकि इन ट्रकों को चलाने वाले ड्राइवरों को अक्सर मुश्किल चुनौतियों और कठिन जीवनशैली का सामना करना पड़ता है। इनमें लंबे समय तक ट्रक चलाना, अनियमित शिफ्ट, परिवार से लंबे समय तक दूर रहना और विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं शामिल हैं।
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Published By : Kanak Kumari Jha
पब्लिश्ड 28 January 2025 at 19:11 IST