CID दफ्तर से निकले अभिषेक बनर्जी, फर्जी हस्ताक्षर मामले में 8.30 घंटे हुई पूछताछ
फर्जी हस्ताक्षर मामले में पूछताछ के बाद अभिषेक बनर्जी CID दफ्तर से निकल गए हैं। उनसे 8.30 घंटे पूछताछ हुई।
- भारत
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Abhishek Banerjee news: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी का आज, 14 जून को CID के सवालों से सामना हुआ। फर्जी हस्ताक्षर मामले में उनसे करीब साढ़े 8 घंटे की पूछताछ हुई। पूछताछ के बाद अभिषेक CID दफ्तर से निकल गए हैं। इसके बाद वे सीधा TMC सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पहुंचे।
कुणाल घोष से भी हुई पूछताछ
अभिषेक बनर्जी के अलावा बेलेघाटा से TMC विधायक कुणाल घोष से भी रविवार को CID दफ्तर में करीब साढ़े तीन घंटे पूछताछ हुई। CID दफ्तर से निकलने के बाद कुणाल भी ममता बनर्जी के आवास गए थे, जहां उन्होंने पार्टी नेतृत्व से मुलाकात की। वहां पार्टी के अन्य बड़े नेता भी वहां मौजूद रहे।
अभिषेक से दूसरी बार हुई पूछताछ
इस मामले में अभिषेक बनर्जी से दूसरी बार पूछताछ हुई है। इससे पहले 11 जून को कोलकाता पुलिस ने छह घंटे तक उनसे पूछताछ की थी। उस समय वे कलकत्ता हाईकोर्ट की आदेश के बाद पेश हुए थे।
क्या है फर्जी हस्ताक्षर मामला?
मामला पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता विपक्ष (LoP) के चयन के लिए सौंपे गए आधिकारिक पार्टी प्रस्ताव पत्र में विधायकों के जाली दस्तखत करने से जुड़ा विवाद है। मई 2026 में हुए बंगाल विधानसभा चुनावों के बाद TMC ने विधानसभा सचिवालय को एक प्रस्ताव पत्र सौंपा। इसमें शोभनदेव चट्टोपाध्याय को नेता विपक्ष (LoP) बनाने के लिए पार्टी विधायकों के समर्थन की बात कही गई थी।
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पार्टी के दो बागी विधायकों (ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा) ने आरोप लगाया कि 6 मई को ऐसी कोई बैठक या राजनीतिक प्रस्ताव पारित ही नहीं हुआ था। उन्होंने दावा किया कि प्रस्ताव पत्र पर कई विधायकों के हस्ताक्षर नकली हैं। जांच में सामने आया कि कम से कम 14 हस्ताक्षर हाथ से लिखने के बजाय ब्लॉक लेटर्स में टाइप या प्रिंटेड थे। इसके अलावा विधायक नयना बनर्जी के हस्ताक्षर भी विधानसभा रिकॉर्ड से मेल नहीं खाए।
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(Note: यह एक ब्रेकिंग स्टोरी है। अधिक जानकारी के साथ अपडेट हो रही है)