पंजाब चुनाव से पहले गर्माई सियासत: AAP ने विधायक सुखवीर मैसरखाना को पार्टी से किया निष्कासित, झूठी अफवाह फैलाने का आरोप
पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी ने अपने विधायक सुखवीर मैसरखाना को झूठी अफवाह फैलाने का आरोप लागते हुए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। विधायक ने सरकारी स्कूलों की स्थिति और पार्टी में कथित तौर पर उन्हें नजरअंदाज किए जाने को लेकर नाराजगी जताई।
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पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) ने सूबे की मौर सीट से अपने ही विधायक सुखबीर सिंह मैसरखाना पर बड़ा एक्शन लिया है। AAP ने पार्टी के खिलाफ झूठी अफवाह फैलाने और छवि खराब करने के चलते उन्हें निष्कासित कर दिया है। मैसरखाना पर कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार और पार्टी नेतृत्व पर सवाल खड़े किए हैं। विधायक ने सरकारी स्कूलों की स्थिति, शिक्षकों की कमी और पार्टी में कथित तौर पर उन्हें नजरअंदाज किए जाने को लेकर नाराजगी जताई थी।
शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाया था
दरअसल, 3 अक्टूबर को मैसरखाना ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से अपने ही पार्टी पर हमला करते हुए बताया कि अपनी गौर विधानसभा सीट पर टीचर की खाली सीटों को भरने के लिए बार-बार अपील की है और अधिकारियों से स्कूलों की ज़रूरतों को पूरा करने का आग्रह किया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
उन्होंने कहा, "मैं स्कूलों के खिलाफ नहीं लड़ रहा हूं, मैं उनके लिए लड़ रहा हूं। वहां सिर्फ मेरे बच्चे ही नहीं पढ़ते हैं; बल्कि हर जगह से बच्चे पढ़ते हैं। दूसरे लोगों के बच्चे भी इन स्कूलों में पढ़ते हैं। यह हमारे एजुकेशन सिस्टम और मौजूदा हालात का मामला है। मुझे पता है कि इन स्कूलों में क्या हालात हैं; मैं इसे और बर्दाश्त नहीं कर सकता।"
स्थिति बर्दाश्त के बाहर हो गई है
मैसरखाना ने आगे कहा ki अगर मैं गलत हूं, तो मैं माफी मांगता हूं, लेकिन मैं आज इसलिए बोल रहा हूं क्योंकि हम जिस स्थिति में पहुंच गए हैं, वह ऐसी स्थिति है जो इतने सब्र के बाद बर्दाश्त के बाहर हो गई है। ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इन स्कूलों में भी कई जगहों पर पर्याप्त स्टाफ की व्यवस्था नहीं है। विधायक के अनुसार, उन्होंने इस संबंध में कई बार संबंधित स्तर पर मांग रखी, लेकिन उनकी बात पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया।'
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पार्टी में नजरअंदाज करने का लगाया आरोप
शिक्षा व्यवस्था के अलावा मैसरखाना ने पार्टी के भीतर अपने साथ कथित व्यवहार को लेकर भी नाराजगी जताई थी। उन्होंने दावा किया कि पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में भूमिका निभाने के बावजूद उन्हें लगातार दरकिनार किया गया और कई मौकों पर अपमानित महसूस कराया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
BJP नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने साधा निशाना
मैसरखाना के वीडियो संदेश के बाद इस पर रिएक्शन देते हुए, BJP नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि MLA की बातों ने पंजाब सरकार के "एजुकेशन मॉडल" के पीछे की जमीनी हकीकत को सामने ला दिया है।
उन्होंने एक्स पर लिखा '"आम आदमी पार्टी के अपने MLA सुखवीर मैसरखाना के आंसू पंजाब के बहुत ज़्यादा प्रचारित 'एजुकेशन मॉडल' के पीछे की ज़मीनी हकीकत को सामने लाते हैं। जब सत्ताधारी पार्टी के MLA को सोशल मीडिया पर आकर अपने ही इलाके के स्कूलों में काफ़ी टीचरों की मांग करनी पड़ती है, तो यह आम परिवारों और पूरे पंजाब में लाखों स्टूडेंट्स की हालत पर गंभीर सवाल खड़े करता है।'