UP: संभल में हिंसा के 5 महीने बाद CO अनुज चौधरी का तबादला, चंदौसी भेजे गए, आलोक भाटी को मिली जिम्मेदारी

संभल हिंसा के बाद सबसे अधिक चर्चा में रहने वाले पुलिस अधिकारी अनुज कुमार चौधरी का तबादला हो गया है। उन्हें चंदौसी की जिम्मेदारी दी गई है।

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Sambhal CO Anuj Chaudhary
Sambhal CO Anuj Chaudhary | Image: Social Media

Sambhal CO Anuj Chaudhary: संभल हिंसा के बाद सबसे अधिक चर्चा में रहने वाले पुलिस अधिकारी अनुज कुमार चौधरी का तबादला हो गया है। उत्तर प्रदेश पुलिस प्रशासन ने संभल के सीओ अनुज चौधरी को चंदौसी भेज दिया है। संभल में नवंबर में हुई हिंसा के लगभग 5 महीने बाद जिले में पुलिस अधिकारियों का तबादला किया गया है।

संभल में कुल 5 अधिकारियों के तबादले हुए हैं। इन अधिकारियों में आलोक कुमार भाटी को सीओ संभल की जिम्मेदारी दी गई है, जहां अनुज चौधरी तैनात थे। अनुज चौधरी को चंदौसी का सीओ नियुक्त किया गया है। सीओ ट्रैफिक संतोष कुमार को सीओ कार्यालय बनाया गया है। आलोक सिद्धू बहजोई के सीओ नियुक्त किए गए हैं, जबकि बहजोई में रहे सीओ प्रदीप कुमार को सीओ ट्रैफिक की जिम्मेदारी सौंपी गई है।


अनुज चौधरी कौन हैं?

अर्जुन अवॉर्ड अनुज चौधरी को उत्तर प्रदेश पुलिस में स्पोर्ट्स कोटे से नौकरी मिली थी। मुजफ्फरनगर के बहेड़ी गांव के रहने वाले अनुज चौधरी पहलवान रहे हैं और नेशनल गेम्‍स में दो सिल्‍वर मेडल जीते। वो एशियाई चैंपियनशिप में दो कांस्‍य पदक जीत चुके हैं। 2005 में अनुज चौधरी को अर्जुन अवॉर्ड मिला था और उसके 7 साल बाद  2012 में खेल कोटे से सीओ बनाए गए।

संभल में क्यों चर्चा में रहे हैं सीओ अनुज चौधरी?

संभल में सीओ रहने के दौरान अनुज चौधरी लगातार चर्चा में रहे हैं। नवंबर की हिंसा के दौरान अनुज चौधरी उन पुलिसकर्मियों में शामिल थे, जो दंगाइयों के हमले में घायल हुए थे। अनुज चौधरी को लेकर विवाद उनके एक बयान को लेकर ज्यादा हुआ। होली के समय अनुज चौधरी ने कथित तौर पर बयान दिया था। 6 मार्च को संभल के सर्किल ऑफिसर (सीओ) अनुज कुमार चौधरी ने कहा था कि जो लोग रंगों से असहज हैं, उन्हें घर के अंदर ही रहना चाहिए, क्योंकि यह हिंदू त्योहार साल में एक बार ही आता है। संभल के सर्किल ऑफिसर (सीओ) चौधरी ने कहा कि चूंकि होली साल में एक बार आती है और साल में 52 जुम्मा (शुक्रवार) होते हैं, इसलिए मुस्लिम समुदाय के लोगों से अनुरोध किया गया है कि अगर उन्हें रंग लगना पसंद नहीं है तो वे घर के अंदर ही रहें।

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अनुज चौधरी के इस बयान पर काफी हंगामा हुआ। यहां तक कि पुलिस जांच भी बैठा दी गई थी। कुछ समय पहले अनुज चौधरी को पुलिस जांच में क्लीन चिट मिली। हालांकि पिछले दिनों ही उत्तर प्रदेश सरकार ने इस क्लीन चिट को निरस्त करते हुए फिर से जांच करने के लिए कह दिया।

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Published By :
Dalchand Kumar
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