1984 Sikh Riots: 'सज्जन कुमार को फांसी हो', कोर्ट में दिल्ली पुलिस ने की मांग; 21 फरवरी को होगी सजा पर बहस
1 नवंबर 1984 को दो सिखों पिता जसवंत सिंह और तरुणदीप सिंह की भीड़ ने जिंदा जलाकर हत्या कर दी थी। सज्जन सिंह पर आरोप हैं कि उन्होंने ही इस भीड़ का नेतृत्व किया।
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Sajjan Kumar Conviction: 1984 सिख दंगों से जुड़े एक मामले में पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को दोषी करार दिया जा चुका है। आज (18 फरवरी) को उन्हें सजा सुनाई जानी थी, लेकिन फिलहाल राउज एवेन्यू कोर्ट में सजा पर बहस टल गई है। सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस की ओर से सज्जन कुमार को फांसी देने की मांग की गई है।
इससे पहले बुधवार (12 फरवरी) को सज्जन कुमार को कोर्ट ने मामले में दोषी करार दिया था। उन पर आरोप है कि दो सिखों की हत्या के मामले में उन्होंने भीड़ का नेतृत्व किया।
कोर्ट में की गई फांसी की सजा की मांग
कोर्ट द्वारा दोषी करार दिए जाने के बाद सज्जन कुमार की अब सजा का ऐलान होना बाकी है। आज (18 फरवरी) को हुई सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने सज्जन को फांसी की सजा की मांग की। पीड़ित पक्ष की तरफ से भी फांसी की सजा की मांग की गई। सज्जन कुमार की सजा पर बहस के लिए सुनवाई 21 फरवरी को होगी।
पुलिस की तरफ से सजा को लेकर लिखित दलील पेश की गई। सज्जन कुमार के वकील ने कहा कि हम हम दिल्ली पुलिस की लिखित दलील का जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि आज वकील हडताल पर है इसलिए बहस नहीं हो सकती।
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क्या है पूरा मामला, जिसमें दोषी कराए दिए गए सज्जन?
बता दें कि सज्जन सिंह को 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े सरस्वती विहार मामले में दोषी पाया गया है। पश्चिमी दिल्ली के राज नगर इलाके में दो सिखों सरदार जसवंत सिंह और उनके बेटे सरदार तरुण दीप सिंह की हत्या कर दी गई थी। शाम के करीब 4 से साढ़े 4 बजे के बीच दंगाइयों की एक भीड़ ने लोहे की सरियों और लाठियों से पीड़ितों के घर पर हमला किया। शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, इस भीड़ का नेतृत्व कांग्रेस के तत्कालीन सांसद सज्जन कुमार ने किया था, जो उस समय बाहरी दिल्ली लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।
आरोप था कि सज्जन कुमार ने भीड़ को हमले के लिए उकसाया, जिसके बाद दोनों सिखों को उनके घर में जिंदा जला दिया गया। भीड़ ने घर में तोड़फोड़, लूटपाट और आगजनी भी की थी।
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दिल्ली के पंजाबी बाग पुलिस स्टेशन में पहले मामला दर्ज हुआ था, लेकिन फिर बाद में एक विशेष जांच दल (SIT) ने मामले की जांच अपने हाथ में ले ली थी। साल 2021 में अदालत ने सज्जन कुमार के खिलाफ आरोप तय किए थे।
तिहाड़ जेल में सजा काट रहे हैं सज्जन कुमार
सज्जन कुमार फिलहाल दिल्ली के तिहाड़ जेल में सजा काट रहे हैं। सिख दंगों से जुड़े तीन केस उन पर चल रहे हैं। एक मामले में वह बरी हो चुके हैं, जबकि साल 2018 में 5 सिखों की हत्या से जुड़े मामले में उन्हें उम्र कैद की सजा हुई है। सरस्वती विहार मामले में कोर्ट ने सज्जन कुमार को दोषी ठहरा दिया है। अब उनकी सजा का ऐलान होना बाकी है।