12वीं की छात्रा काम्या ने लहराया परचम, पिता के साथ माउंड एवरेस्ट किया फतह, देश-दुनिया में चर्चा
16 साल की काम्या कार्तिकेयन और उनके पिता भारतीय नौसेना के कमांडर एस कार्तिकेयन ने 20 मई को माउंड एवरेस्ट फतह कर नया कीर्तिमान रचा।
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मुंबई की 12वीं की छात्रा काम्या ने छोटी से उम्र बड़ा कारनामा कर दिखाया। काम्या ने अपने पिता के साथ माउंड एवरेस्ट फतह कर नया कीर्तिमान रच दिया। दोनों ने सोमवार, 20 मई को दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई करके वहां अपना तिरंगा झंडा लहाराया। पश्चिमी नौसेना कमान के इनकी तस्वीरों को सोशल मीडिया पर शेयर किया है।
मुंबई के नेवी चिल्ड्रेन स्कूल में 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली 16 साल की काम्या कार्तिकेयन अपने पिता और भारतीय नौसाना के कमांडर एस कार्तिकेयन के साथ सोमवार को दुनिया की की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर फतह किया। दोनों ने सबसे ऊंची चोटी पर तिंरगा फहराया। पिता और बेटी की इस बड़ी उपलब्धि पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल कायम की है।
12वीं की छात्रा काम्या ने एवरेस्ट पर लहराया तिरंगा
काम्या कार्तिकेयन और उनके पिता भारतीय नौसेना के कमांडर एस. कार्तिकेयन ने 20 मई को दिन के करीब साढ़े 12 बजे माउंट एवरेस्ट (8849 मीटर) पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की। भारतीय नौसेना के पश्चिमी कमान ने माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराते हुए दोनों की तस्वीर शेयर किया है। इस उपलब्धि के साथ काम्या कार्तिकेयन माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाली दुनिया की सबसे कम उम्र की भारतीय लड़की बन गई है।
भारतीय नौसेना ने काम्या को दी बधाई
भारतीय नौसेना ने X पोस्ट मे लिखा,नेपाल की ओर से माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय और दुनिया की दूसरी सबसे कम उम्र की लड़की बनने पर कमांडर एस कार्तिकेयन की बेटी सुश्री काम्या कार्तिकेयन को बधाई। काम्या ने सात महाद्वीपों में से छह की सबसे ऊंची चोटियों पर चढ़ने में अपार साहस और धैर्य का परिचय दिया है। भारतीय नौसेना युवा काम्या को सभी सात महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों पर चढ़ने की उनकी आकांक्षा के लिए शुभकामनाएं देती है, जो ऐसा करने वाली सबसे कम उम्र की लड़की बन गई है।
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7 साल की उम्र में शुरू की थी ट्रैकिंग
काम्या और उसके पिता बुधवार 22 मई की शाम को करीब 4 बजे कैंप-4 में वापस स्कुशल लौट आए हैं। काम्या को एवरेस्ट तक पहुंचने में टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन ने आर्थिक तौर पर मदद भी की है। पिता और नैसेना कमांडर एस. कार्तिकेयन से प्रेरणा लेकर काम्या ने केवल 7 साल की उम्र में ही हिमाचल यात्रा और वहां ट्रेकिंग करनी शुरू कर दी थी।
काम्या ने अपने पिता के साथ साल 2017 में महज 9 साल की उम्र में 20187 फीट ऊंचे माउंट स्टोक कांगरी पर फतह करके दोनों खुब सुर्खियां बटोरी थी। काम्या को साल 2019 में प्रतिष्ठित प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल शक्ति पुरस्कार से भी सम्मानित किया गय, जो 8 साल के कम उम्र के नागरिकों के लिए सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार माना जाता है।