Road of Sindoor रिपोर्ट में PAK की नापाक हरकतों का खुलासा: 20 दिनों में भारत पर किए 15 लाख साइबर हमले, नहीं लगा पाया सेंध

जांच में पाया गया कि भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सीजफायर के बाद भारत में सरकारी वेबसाइट पर साइबर हमले कम हुए, लेकिन अभी भी यह पूरी तरह से बंद नहीं हुए हैं।

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Cyber Attacks
साइबर अटैक | Image: Unsplash

Cyber attack news: पहलगाम आतंकी हमले के बाद सीमा पर तो पाकिस्तान ने नापाक हरकतें जारी रही। वहां मुंह की खाने के बाद भी पड़ोसी मुल्क अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। सीमा से इतर पाकिस्तान ने भारत के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की वेबसाइटों को निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन वो इसमें भी सफल नहीं हो पाया। महाराष्ट्र साइबर सेल के अधिकारियों ने खुलासा किया है कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद से भारत पर 15 लाख साइबर हमले हुए हैं, जिनमें से अधिकतर को भारत के मजबूत साइबर सुरक्षा तंत्र ने नाकाम कर दिया। इस दौरान केवल 150 साइबर हमले नहीं रोके जा सके।

अधिकारियों के मुताबिक पहलगाम हमले के बाद भारत पर 15 लाख साइबर हमले की कोशिश करने के लिए जिम्मे एडवांस्ड परर्सिस्टेंटथ्रेट ग्रुप की भी पहचान की है। बताया गया कि भारतीय वेबसाइट्स पर साइबर हमले पाकिस्तान से तो किए ही गए। इसके साथ ही बांग्लादेश और पश्चिम एशियाई क्षेत्रों से भी अटैक किए जा रहे हैं।

हैकर्स ने डेटा चोरी करने के दावे को अधिकारी ने किया खारिज

महाराष्ट्र साइबर के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मीडिया से बातचीत के दौरान उन दावों को खारिज किया कि हैकर्स ने मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से डेटा की चोरी किए और एविएशन और म्युनिसिपल सिस्टम हैकिंग के साथ इलेक्शन कमीशन की वेबसाइट को निशाना बनाया।

अब भी पूरी तरह से बंद नहीं हुए साइबर हमले

अधिकारी ने यह भी बताया कि जांच में पाया गया कि भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सीजफायर के बाद भारत में सरकारी वेबसाइट पर साइबर हमले कम हुए, लेकिन अभी भी यह पूरी तरह से बंद नहीं हुए हैं। हमले पाकिस्तान, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, मोरक्को और पश्चिम एशियाई देशों से जारी हैं।

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रिपोर्ट में दी गई साइबर हमलों की जानकारी 

राज्य की नोडल साइबर एजेंसी ने रोड ऑफ सिंदूर (Road of Sindoor) नाम से पाकिस्तान की ओर से किए गए साइबर हमलों की जानकारी दी। इस रिपोर्ट को DG और राज्य के खुफिया विभाग समेत सभी प्रमुख कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सौंपा गया है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि ये साइबर हमले बांग्लादेश, पाकिस्तान, पश्चिम एशियाई देशों और एक इंडोनेशियाई ग्रुप की ओर से किए गए।

साइबर अटैक के लिए जो तरीके इस्तेमाल किए गए उनमें मैलवेयर अभियान, डिस्ट्रिब्यूटेड डेनियल-ऑफ-सर्विस (DDoS) हमले और GPS के जरिए जासूसी करना शामिल था। महाराष्ट्र साइबर के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक यशस्वी यादव ने कहा कि इस तरह के कई हमलों को विफल करते हुए भारत के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को बचा लिया गया।

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Published By :
Ruchi Mehra
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