श्रद्धा के आगे उम्र ने भी टेके घुटने...116 साल की दादी ने पैदल नाप दीं बालाजी की 3550 सीढ़ियां, हैरान कर देगा यह VIDEO
उम्र सिर्फ एक संख्या है, और इस बात को कर्नाटक की एक 116 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने सच साबित कर दिखाया है। भगवान वेंकटेश्वर के प्रति अपनी अगाध श्रद्धा के चलते, उन्होंने इस उम्र में भी हार नहीं मानी। अपने परिवार के अटूट सहयोग और सहारे के दम पर, उन्होंने तिरुमला की कठिन पहाड़ियों पर बनी 3,550 सीढ़ियां चढ़कर भगवान बालाजी के दर्शन किए।
- भारत
- 2 min read

अगर मन में सच्ची श्रद्धा और अटूट विश्वास हो, तो उम्र का हर पड़ाव छोटा पड़ जाता है। सोशल मीडिया पर इन दिनों वायरल हो रहा एक वीडियो इस बात का साक्षात प्रमाण है। कर्नाटक की एक 116 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने अपनी ढलती उम्र और शारीरिक सीमाओं को पीछे छोड़ते हुए, केवल अपनी आस्था के बल पर तिरुमला की पहाड़ियों पर स्थित भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन किए। इंटरनेट पर इस अलौकिक यात्रा का वीडियो लोगों के दिलों को गहराई से छू रहा है।
3550 सीढ़ियां और 9 किलोमीटर का सफर
वीडियो 'एक्स' पर @Temple_Connects नाम के हैंडल से साझा किया गया है। मिली जानकारी के अनुसार, इस उम्रदराज माई ने तिरुपति के प्रसिद्ध 'अलिपिरी पैदल मार्ग' से अपनी यात्रा शुरू की थी। उन्होंने लगभग 9 किलोमीटर लंबा और अत्यंत कठिन रास्ता पैदल ही नाप दिया। इस सफर के दौरान उन्हें कुल 3,550 खड़ी सीढ़ियां चढ़नी पड़ीं। उनके इस अदम्य जज्बे और भक्ति को देखकर हर कोई हैरान है।
परिवार का साथ और बालाजी पर अटूट विश्वास
जरा सोचिए, जहां आज की युवा पीढ़ी कुछ सीढ़ियां चढ़कर हांफने लगती है, वहां 116 वर्ष की उम्र में यह चमत्कार कैसे संभव हुआ? वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि इस दुर्गम यात्रा में उनके परिवार के सदस्यों ने उनका पूरा साथ दिया। वे पूरी राह बुजुर्ग महिला का सहारा बने रहे। लेकिन सबसे बड़ी ताकत थी भगवान बालाजी के प्रति उनकी गहरी निष्ठा। उनकी इसी अटूट श्रद्धा ने उन्हें हर कदम पर आगे बढ़ने का हौसला और असीम ऊर्जा दी।
सोशल मीडिया पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
यह वीडियो इंटरनेट पर आते ही तेजी से वायरल हो गया और लोग बुजुर्ग महिला की हिम्मत की खुलकर सराहना कर रहे हैं। कमेंट सेक्शन में श्रद्धा और सम्मान की बाढ़ आ गई है।
Advertisement
एक भावुक यूजर ने लिखा, 'भगवान के प्रति ऐसा समर्पण देखकर आंखें नम हो गईं। मंदिर प्रशासन को ऐसे अति-बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए विशेष और शीघ्र दर्शन की व्यवस्था करनी चाहिए।'कई अन्य यूजर्स ने कमेंट्स में 'जय गोविंद' और 'ओम नमो वेंकटेशाय' लिखते हुए दिल वाले इमोजी की बौछार कर दी है।