Why we avoid Kadhi in Sawan?

भोलेनाथ के पावन महीने सावन में कढ़ी क्यों नहीं खानी चाहिए? ये हैं इसके पीछे के धार्मिक और वैज्ञानिक कारण

Sawan 2025: भगवान शिव के प्रिय महीने सावन में कढ़ी खाना वर्जित होता है। सावन के पूरे महीने में घर में कढ़ी नहीं बनती लेकिन ऐसा क्यों? चलिए इसके पीछे के धार्मिक और वैज्ञानिक कारण जान लेते हैं।

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सावन का पवित्र महीना 11 जुलाई 2025 से शुरू हो चुका है। इस पूरे महीने में श्रद्धालु भोलेनाथ की पूजा करते हैं। इस बीच, सावन में कुछ खाने की चीजों की मनाही होती है जिनमें से एक कढ़ी भी है।

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आपने ऐसा एक ना एक बार जरूर सुना होगा कि सावन में कढ़ी नहीं खाई जाती है। हालांकि, क्या आपको इसके पीछे की वजह पता है। नहीं? तो चलिए जान लेते हैं।

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सावन में दही और कढ़ी जैसे ठंडी प्रकृति वाले पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसी धार्मिक मान्यता है कि ये चीजें शरीर में तामसिकता बढ़ाती हैं, जिससे पूजा-पाठ और व्रत की शुद्धता भंग हो सकती है। 

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सावन में शिवभक्त शिवलिंग पर कच्चा दूध चढ़ाते हैं। तो सावन में कच्चे दूध से बनी चीजों का सेवन वर्जित माना जाता है। दूध से दही बनती है जिससे फिर कढ़ी बनाई जाती है। ऐसे में कढ़ी खाना वर्जित माना गया है।

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सावन में कढ़ी ना खाने का वैज्ञानिक कारण यह है कि हवा में नमी के कारण पाचन धीमा हो जाता है। ऐसे में दही और कढ़ी जैसी चीजें शरीर के लिए भारी हो सकती है जिससे पेट फूलना, अपच, गैस जैसी दिक्कतें होती हैं।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्‍यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।

Published By :
Sakshi Bansal

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