
Gangajal: सावन में गंगाजल को लेकर ना करें ये गलतियां, वरना रुक सकती है भगवान भोले की कृपा
सावन का पवित्र महीना चल रहा है और आज सावन का पहला सोमवार है। भक्त अपने आराध्य महादेव का जलाभिषेक करते हैं। भक्त गंगाजल से अपने आराध्य शिव का जलाभिषेक करते हैं और उन्हें प्रसन्न करते हैं। इस अभिषेक में हमें कुछ सावधानियां रखनी चाहिए जो की गंगाजल से जुड़ी हुई है। आईए जानते हैं।
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सावन में शिवलिंग पर गंगाजल चढ़ाना बेहद शुभ माना जाता है। हिंदू धर्म में गंगाजल को बेहद पवित्र माना गया है। भक्त अपने महादेव को चढ़ाने के लिए लंबी दूरी तय करके या कावड़ लेकर जाते हैं।
गंगाजल को हमेशा तांबे के पात्र में ही शिवलिंग पर चढ़ाना चाहिए। तांवा शुद्ध धातु होती है। जलाभिषेक के लिए किसी प्लास्टिक की बोतल का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
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सावन के महीने में शिवलिंग पर गंगाजल चढ़ाना बेहद शुभ माना जाता है। हिंदू धर्म में गंगाजल को बेहद पूजनीय और पवित्र माना जाता है।
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गंगाजल को हमेशा घर के किसी शुद्ध स्थान पर ही रखना चाहिए। साथ ही उस जगह की साफ सफाई भी रखनी चाहिए। गंगाजल को पूजा घर में ही रखें क्योंकि उससे शुद्ध कोई स्थान घर में नहीं होता है।
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गंगाजल को गंदे हाथों से स्पर्श नहीं करना चाहिए। अगर गंगा घर में गंगाजल है तो शराब, मास, मदिरा आदि का सेवन नहीं करना चाहिए।
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गंगा जल को किसी कोने या अंधेरे स्थान पर नहीं रखना चाहिए, ऐसा करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।