
Sawan 2025: किस दिशा में मुंह कर शिवलिंग पर चढ़ाएं जल? जान लें ये सही तरीका
सावन का महीना बेहद पवित्र माना जाता है। इस महीने में भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाता है। ऐसे में सबसे पहले इसका सही तरीका और नियम जान लें।
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सावन का महीना शुरू हो चुका है जो कि 29 दिनों तक चलेगा। इस पूरे महीने में भोलेनाथ को जलाभिषेक करना काफी शुभ माना जाता है।
मान्यता के अनुसार, जलाभिषेक करने मात्र से भोलेनाथ प्रसन्न हो जाते हैं और अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं। लेकिन भगवान शिव को जल चढ़ाते समय सही दिशा का ध्यान होना जरूरी है।
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ऐसा कहा जाता है कि सही दिशा में खड़े होकर जल चढ़ाने से ही भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं। गलत दिशा में जल चढ़ाने से वह रुष्ट हो सकते हैं। ऐसे में आईए जानते हैं सही तरीका और नियम...
सुबह उठकर नहाएं और साफ-सुधरे वस्त्र धारण करें। बिना नहाए शिवलिंग पर जल अर्पित नहीं करना चाहिए। स्वच्छता का पूरा ख्याल रखें।
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ताबें के एक साफ लौटे में गंगाजल या ताजा पानी लें। फिर उसमें अक्षत (बिना टूटा हुआ चावल) चंदन और फूल डालें। यह जल भगवान शिव को चढ़ाएं।
शिव मंदिर में पूर्व दिशा की ओर या फिर ईशान कोण की तरफ मुख करके खड़े हों। जल का लौटा दोनों हाथों से थामें और सच्ची श्रद्धा से अर्पित करें। इसके बाद धीरे-धीरे जल अर्पण करें।
कभी भी सीधे खड़ेकर शिवलिंग पर जल न चढ़ाएं। हमेशा थोड़ा झुककर जल अर्पण करें जिससे की शिवलिंग से गिरता जल आपके पैरों को न छुए। जलाभिषेक के दौरान ॐ नम: शिवाय के मंत्र को जपना जारी रखें।
जल अर्पण के बाद हाथ जोड़कर पूरे भाव से महादेव को नमन करें। इसके बाद बेलपत्र, भांग, धतूरा, शहद, अक्षत, धूप, चंदन, आक के फूल समेत आदि चीजें अर्पित करें।
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शिवलिंग से दूरी बनाकर बैठें और श्रद्धा भाव से शिव चालीसा का पाठ करें। इसके बाद भोलेनाथ की आरती करें। ऐसा करने से भोलेनाथ प्रसन्न होंगे।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।