
Sawan: सावन में शिवलिंग पर भूलकर भी ना चढ़ाएं ये चीज, अनजाने में लग सकता है बड़ा दोष
सावन के पवित्र महीने की शुरुआत हो गई है। सावन में भगवान शिव की पूजा करना शुभ और फलदायक मान जाता है। श्रद्धालु भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए व्रत, पूजा और अभिषेक करते हैं। भक्त उन्हें प्रसन्न करने के लिए कई तरह की वस्तुएं शिवलिंग पर अर्पित करते हैं, लेकिन कुछ ऐसी चीजें भी हैं जिन्हें शिवलिंग पर चढ़ाना वर्जित माना गया है। सही जानकारी के अभाव में कई बार श्रद्धालु ऐसी भूल कर बैठते हैं जो पूजा में दोष उत्पन्न कर सकती है। जानतें हैं शिवलिंग पर क्या चढ़ाना चाहिए और क्या नहीं।
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सावन के महीने की शुरुआत 11 जुलाई से हुआ जो 9 अगस्त तक रहेगा। 14 जुलाई को सावन का पहला सोमवार होगा। सोमवार का दिन भगवान शिव का माना जाता है। इस दिन शिवलिंग की विशेष पूजा होती है।
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तो आइए जानतें हैं पूजा के दौरान शिवलिंग पर क्या चढ़ाना चाहिए और क्या भूलकर भी नहीं चढ़ाना चाहिए।
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भगवान शिव को गंगाजल अत्यंत प्रिय है। इससे अभिषेक करने से पवित्रता और शांति प्राप्त होती है। तीन पत्तों वाला बेलपत्र विशेष रूप से शुभ माना जाता है। यह भोलेनाथ की विशेष कृपा दिलाता है।
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धतूरा और आक के फूल शिव को अर्पण करना शुभ होता है क्योंकि वे इसे ग्रहण करते हैं। शिवलिंग पर दूध-दही से अभिषेक करना स्वास्थ्य और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
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शहद और घी पंचामृत के रूप में इस्तेमाल की जाने वाली ये सामग्रियां शिव को प्रिय होती हैं। सफेद फूल, जैसे कमल, चमेली या कुंद के फूल शिवजी को अर्पित किए जा सकते हैं।
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तुलसी के पत्ते को भूलकर भी शिवलिंग पर नहीं चढ़ाना चाहिए, तुलसी विष्णु को प्रिय है। शंख भी भगवान विष्णु को प्रिय है, इसलिए शिवलिंग पर शंख से जल चढ़ाना वर्जित माना जाता है।
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पौराणिक कथा के अनुसार केतकी के फूल को भगवान शंकर ने श्राप दिया था, इस कारण शिव की पूजा में ये फूल निषिद्ध हो गया।
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तूटा या खंडित बेलपत्र और लाल फूल शिवलिंग पर नहीं चढ़ाना चाहिए। चमेली और लाल रंग के पुष्प देवी पूजन में प्रयोग किए जाते हैं, इसलिए इन्हें नहीं चढ़ाया जाता है।
Image: shutterstockDisclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।