sita ram

Mata Sita: बेटी सीता के स्वयंवर का निमंत्रण पिता जनक ने राजा दशरथ को क्यों नहीं दिया? पढ़ें कथा...

Ramayana Story in Hindi: माता सीता के स्वयंवर में श्री राम ने धनुष बाण तोड़ माता सीता से विवाह किया। लेकिन क्या आपको पता है कि राजा जनक ने राजा दशरथ को सीता स्वयंवर के लिए निमंत्रण नहीं भेजा था?

Follow : Google News Icon  
camera icon
1/10
|
Expand icon
|
share gallery
Description of the pic

जी हां, इसके पीछे राजा जनक से जुड़ी एक घटना जिम्मेदार है। पौराणिक कथा के मुताबिक, एक व्यक्ति अपने विवाह के बाद जब अपने ससुराल अपनी पत्नी को लेने गया तो उसने रास्ते में देखा कि एक गाय दलदल में फंसी।

Image: social media
camera icon
2/10
|
Expand icon
|
share gallery
Description of the pic

व्यक्ति को लगा कि दूसरा रास्ता चुनेगा तो देर हो जाएगी। ऐसे में उसने उत्साह की वजह से गाय के ऊपर पैर रखा और दलदल पार किया। इसके बाद गाय ने उस व्यक्ति को श्राप दिया कि....

Image: social media
Advertisement
camera icon
3/10
|
Expand icon
|
share gallery
Description of the pic

गाय ने कहा कि जिससे मिलने तू जा रहा है वो अगर तुझे देखेगी या तू उसे देखेगा तो तू अंधा हो जाएगा। इस श्राप के बाद व्यक्ति के मन में खौफ बैठ गया। 

Image: Shutterstock
camera icon
4/10
|
Expand icon
|
share gallery
Description of the pic

ऐसे में व्यक्ति ससुराल पहुंचने के बाद भी घर के अंदर नहीं घुसा। जब उस व्यक्ति की पत्नी को इस बात का पता चला तो वह खुद अपने पति से मिलने चली गई। जब पत्नी ने वजह जानना चाही तो पति ने पूरी घटना बता दी।

Image: Freepik
Advertisement
camera icon
5/10
|
Expand icon
|
share gallery
Description of the pic

जब पत्नी ने इस बात को मानने से मना किया और कहा कि ये सब सच नहीं होता। तुम मुझे देखो। तो पत्नी के कहने पर पति ने उसकी ओर देखा और वो अंधा हो गया। 

Image: Pinterest
camera icon
6/10
|
Expand icon
|
share gallery
Description of the pic

इस घटना के बाद जब राजा जनक के दरबार गए और श्राप के बारे में बताया। जब राजा ने विद्वानों से श्राप का तोड़ निकलवाया तो पता चला कि...

Image: sita
camera icon
7/10
|
Expand icon
|
share gallery
Description of the pic

अगर कोई भी पतिव्रता औरत एक छलनी ले और उसमें गंगा जल भरे। अब इसे उसकी आंखों पर लगाएं तो इससे आंखें वापस आएंगी। इसके बाद जनक ने मदद के लिए एक पतिव्रता स्त्री की मांग राजा दशरथ से की। 

Image: Meta AI
camera icon
8/10
|
Expand icon
|
share gallery
Description of the pic

फिर राजा दशरथ ने पतिव्रता स्त्री के लिए वहां मौजूद लोगों से पूछा तो उन्होंने कहा कि यहां तो हर स्त्री ही पतिव्रता है। 

Image: x
camera icon
9/10
|
Expand icon
|
share gallery
Description of the pic

ऐसे में राजा ने अयोध्या को बड़ा राज्य दिखाने के लिए झाड़ू लगाने वाली स्त्री को राजा जनक के पास भेज दिया। हालांकि उस स्त्री के छूने से व्यक्ति का श्राप खत्म हो गया। 

Image: X
camera icon
10/10
|
Expand icon
|
share gallery
Description of the pic

जिसके बाद राजा जनक के घर में जश्न होने लगा पर जब राजा को झाड़ू लगाने वाली स्त्री का पता लगा तो उन्हें अच्छा नहीं लगा। यही कारण था कि सीता स्वयंवर में पिता जनक ने दशरथ को निमंत्रण नहीं दिया।

Image: India Today

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्‍यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।

Published By :
Garima Garg

पब्लिश्ड