
Mata Sita: बेटी सीता के स्वयंवर का निमंत्रण पिता जनक ने राजा दशरथ को क्यों नहीं दिया? पढ़ें कथा...
Ramayana Story in Hindi: माता सीता के स्वयंवर में श्री राम ने धनुष बाण तोड़ माता सीता से विवाह किया। लेकिन क्या आपको पता है कि राजा जनक ने राजा दशरथ को सीता स्वयंवर के लिए निमंत्रण नहीं भेजा था?
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जी हां, इसके पीछे राजा जनक से जुड़ी एक घटना जिम्मेदार है। पौराणिक कथा के मुताबिक, एक व्यक्ति अपने विवाह के बाद जब अपने ससुराल अपनी पत्नी को लेने गया तो उसने रास्ते में देखा कि एक गाय दलदल में फंसी।
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व्यक्ति को लगा कि दूसरा रास्ता चुनेगा तो देर हो जाएगी। ऐसे में उसने उत्साह की वजह से गाय के ऊपर पैर रखा और दलदल पार किया। इसके बाद गाय ने उस व्यक्ति को श्राप दिया कि....
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गाय ने कहा कि जिससे मिलने तू जा रहा है वो अगर तुझे देखेगी या तू उसे देखेगा तो तू अंधा हो जाएगा। इस श्राप के बाद व्यक्ति के मन में खौफ बैठ गया।
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ऐसे में व्यक्ति ससुराल पहुंचने के बाद भी घर के अंदर नहीं घुसा। जब उस व्यक्ति की पत्नी को इस बात का पता चला तो वह खुद अपने पति से मिलने चली गई। जब पत्नी ने वजह जानना चाही तो पति ने पूरी घटना बता दी।
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जब पत्नी ने इस बात को मानने से मना किया और कहा कि ये सब सच नहीं होता। तुम मुझे देखो। तो पत्नी के कहने पर पति ने उसकी ओर देखा और वो अंधा हो गया।
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इस घटना के बाद जब राजा जनक के दरबार गए और श्राप के बारे में बताया। जब राजा ने विद्वानों से श्राप का तोड़ निकलवाया तो पता चला कि...
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अगर कोई भी पतिव्रता औरत एक छलनी ले और उसमें गंगा जल भरे। अब इसे उसकी आंखों पर लगाएं तो इससे आंखें वापस आएंगी। इसके बाद जनक ने मदद के लिए एक पतिव्रता स्त्री की मांग राजा दशरथ से की।
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फिर राजा दशरथ ने पतिव्रता स्त्री के लिए वहां मौजूद लोगों से पूछा तो उन्होंने कहा कि यहां तो हर स्त्री ही पतिव्रता है।
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ऐसे में राजा ने अयोध्या को बड़ा राज्य दिखाने के लिए झाड़ू लगाने वाली स्त्री को राजा जनक के पास भेज दिया। हालांकि उस स्त्री के छूने से व्यक्ति का श्राप खत्म हो गया।
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जिसके बाद राजा जनक के घर में जश्न होने लगा पर जब राजा को झाड़ू लगाने वाली स्त्री का पता लगा तो उन्हें अच्छा नहीं लगा। यही कारण था कि सीता स्वयंवर में पिता जनक ने दशरथ को निमंत्रण नहीं दिया।
Image: India TodayDisclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।