
शुरू हो गया सावन का पवित्र महीना, जानें महादेव पर चढ़ाने के लिए बेलपत्र कौन से दिन ना तोड़ें
हिंदू धर्म में भगवान शिव का बेहद अहम स्थान है। महादेव के भक्त उन्हें प्रसन्न करने के लिए कई तरह की वस्तुएं शिवलिंग पर अर्पित करते हैं, जिनमें से एक बेल पत्र भी है। बेल पत्र महादेव को बेहद प्रिय है। भक्त महाशिवरात्रि के अवसर पर महादेव को खुश करने के लिए शिवलिंग पर बेल पत्र अर्पित करते हैं।
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कुछ-कुछ ऐसे दिन हैं, जब बेलपत्र तोड़ना वर्जित माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार बेलपत्र यानि कि बिल्व पत्र चढ़ाने से सुख समृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
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चतुर्थी तिथि यानि चौथ को बेलपत्र पेड़ से नहीं तोड़ना चाहिए। इस दिन बेलपत्र तोड़ने से महादेव नाराज हो जाते हैं।
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चतुर्थी माता पार्वती की विशेष तिथि है। कहा जाता है कि इस दिन बेलपत्र तोड़ना माता पार्वती और महादेव के बंधन को प्रभावित कर सकता है।
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इसके अलावा आमावस्या, संक्रांति और ग्रहण वाले दिन बेलपत्र तोड़ना वर्जित माना जाता है। सोमवार के दिन भी बेलपत्र नहीं तोड़ना चाहिए।
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धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक बेलपत्र के बिना शिव जी की पूजा अधूरी मानी जाती है। इसलिए शिव भक्त भोले की पूजा में बिल्वपत्र को जरूर शामिल करते हैं।
Image: ShutterstockDisclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।