ganesh mantra jaap

इस मंत्र का जाप करके भगवान गणेश को करें खुश, विघ्नहर्ता दूर कर देंगे सारे कष्ट

जीवन में जब भी कोई दुख विपत्ति आता है, तो हमें बहुत लाचार सा महसूस होता है। दिल् में बहुत बेचैनी होती है, कहीं भी मन नहीं लगता। जब हमें पता होता है कि हम कुछ नहीं कर सकते, तब हम भगवान के पास जाते हैं और उनसे हमारे कष्ट दूर करने के लिए प्रार्थना करते हैं।

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इस वक्त गणेश चतुर्थी का पर्व देशभर में धूमधाम से मनाया जा रहा है। गणनायक का ये महाउत्सव गणेश चतुर्थी से लेकर अनंत चतुर्दशी तक मनाया जाता है।

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गणपति बप्पा को सिद्दिविनायक दुख हरता भी कहते हैं। कहा जाता है कि गणपति बप्पा जीवन के सारे कष्ट हर लेते हैं और सुख-समृद्धि देते हैं।

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गणेश चतुर्थी को लेकर मान्यता है कि इसी दिन हमारे बप्पा का जन्म हुआ था। गणेश भगवान को खुश करने के लिए कुछ खास मंत्रों का जाप भी किया जाता है।

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लेकिन क्या आपको पता है कि गणेश जी के इस मंत्र का जाप करने से आपके जीवन के रोग और कष्ट दूर हो जाते हैं।

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वह मंत्र है- गजाननं भूत गणादि सेवितं, कपित्थ जम्बू फल चारू भक्षणम्। उमासुतं शोक विनाशकारकम्, नमामि विघ्नेश्वर पाद पंकजम।।

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इसका अर्थ है कि गजमुख वाले देवता, जिनकी भूत व अन्य गण भी सेवा करते हैं। जो कत्था फल और जामुन का सेवन रुचि से करते हैं। उमा के पुत्र कहलाते हैं और शोक निवारण करते हैं। 

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ऐसे चरण कमल में मेरा नमन है। मैं उनकी वंदना करती हूं।

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गणेश विसर्जन के लिए शुभ मुहूर्त में उषाकाल मुहूर्त - सुबह 04 बजकर 36 मिनट से लेकर सुबह 06 बजकर 02 मिनट तक। सुबह मुहूर्त - सुबह 07 बजकर 36 मिनट से लेकर सुबह 09 बजकर 10 मिनट तक। 

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अपराह्न मुहूर्त - दोपहर 12 बजकर 19 मिनट से लेकर शाम 05 बजकर 02 मिनट तक। संध्या मुहूर्त - शाम 06 बजकर 37 मिनट से लेकक रात 08 बजकर 02 मिनट तक।

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रात्रि मुहूर्त - रात 09 बजकर 28 मिनट से लेकर रात 01 बजकर 45 मिनट तक।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्‍यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।

Published By :
Kanak Kumari Jha

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