Diwali 2025 puja know Which direction should Ganesha trunk face is best and why wrong place can bring poverty into your home

Diwali 2025 Lakshmi Ganesh Puja: किस ओर होनी चाहिए गणेश जी की सूंड? गलत दिशा की मूर्ति ला सकती है घर में दरिद्रता

दिवाली पर हर घर में भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। इस दिन लोग घर को सजाते हैं, दीये जलाते हैं और धन-संपत्ति की देवी लक्ष्मी जी को खुश करने के लिए विशेष पूजा करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पूजा के दौरान गणेश जी की मूर्ति कैसी होनी चाहिए और उनकी सूंड किस दिशा में होनी चाहिए, इसका भी बहुत गहरा महत्व होता है? गलत मूर्ति चुनने या गलत दिशा में मूर्ति रखने से घर में दरिद्रता और अशांति तक आ सकती है। आइए जानते हैं दिवाली 2025 की पूजा में गणेश जी की मूर्ति से जुड़ी जरूरी बातें -

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दिवाली पर क्यों होती है गणेश-लक्ष्मी की पूजा?

दिवाली को धन की देवी मां लक्ष्मी और बुद्धि व शुभता के देवता भगवान गणेश की पूजा का दिन माना जाता है। 

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कहा जाता है कि बिना गणेश जी के कोई भी पूजा पूर्ण नहीं होती, इसलिए पहले गणेश जी का आह्वान किया जाता है। लक्ष्मी जी जहां धन देती हैं, वहीं गणेश जी उस धन का सही उपयोग करने की बुद्धि प्रदान करते हैं।

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गणेश जी की सूंड की दिशा का क्या मतलब होता है?

गणेश जी की मूर्तियों में सबसे खास बात होती है उनकी सूंड की दिशा। सूंड किस ओर मुड़ी है, यह तय करता है कि मूर्ति घर के लिए शुभ है या अशुभ।
 

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सूंड बाईं ओर सबसे शुभ मानी जाती है ऐसी मूर्ति को वामवर्ती गणेश कहा जाता है। यह रूप मां पार्वती का प्रतीक है और घर में शांति, समृद्धि और सुख लेकर आता है। 

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यह पूजा के लिए सबसे शुभ और आसान रूप माना गया है। दिवाली की पूजा में बाईं ओर मुड़ी सूंड वाले गणेश जी की स्थापना करनी चाहिए।

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गणेश जी की मूर्ति घर में रखते समय ध्यान रखें ये बातें

गणेश जी हमेशा लक्ष्मी जी के बाईं ओर बैठें। पूजा स्थान उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) में होना चाहिए। 

 

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टूटे, दरार वाले या बहुत पुराने मूर्तियों का उपयोग न करें। गणेश जी के साथ मूषक और मोदक अवश्य होने चाहिए। मूर्ति के सामने रोजाना दीपक जलाएं और मिठाई का भोग लगाएं।

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गलत मूर्ति से क्यों आती है दरिद्रता?

अगर गणेश जी की सूंड की दिशा या उनकी स्थापना दिशा गलत होती है, तो ऊर्जा प्रवाह बाधित हो जाता है। इससे घर में आर्थिक तंगी, तनाव, और अस्थिरता बढ़ने लगती है। 

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लक्ष्मी जी भी ऐसे स्थान पर टिकती नहीं हैं जहां गणेश जी प्रसन्न न हों। इसलिए पूजा से पहले मूर्ति का चयन बहुत सोच-समझकर करना चाहिए।

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दिवाली 2025 पर जब आप लक्ष्मी-गणेश की पूजा करें, तो ध्यान रखें कि गणेश जी की सूंड बाईं ओर मुड़ी हो। यही रूप सबसे शुभ और सौभाग्यदायक माना गया है। 

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इस छोटी-सी सावधानी से आपकी पूजा अधिक फलदायी होगी और घर में धन, सुख और समृद्धि का वास होगा।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्‍यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।

Published By :
Samridhi Breja

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