Premanand Maharaj

अगर इस दिन तोड़ी तुलसी तो लगेगा ब्रह्म हत्या का पाप, जानें क्या कहते हैं प्रेमानंद जी महाराज

Premanand Maharaj: वृंदावन के प्रस‍िद्ध धर्मगुरू और संत प्रेमानंद महाराज शास्‍त्रीय पद्धति को सही मानते हैं। इनकी बाते लोगों को जीने का सही मार्ग बताती हैं।

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वहीं प्रेमानंद जी महाराज ने तुलसी की पत्तियों के बारे में भी बताया है। लोगों को लगता है कि केवल रविवार के दिन तुलसी नहीं तोड़ते।

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परंतु ऐसा नहीं है। व्यक्ति को तुलसी की पत्तियां एक और दिन नहीं तोड़नी चाहिए। ऐसा करना अशुभ मानते हैं।

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प्रेमानंद जी महाराज ने बताया है कि व्यक्ति को द्वादशी के दिन भूलकर भी तुलसी की पत्तियां नहीं तोड़नी चाहिए।

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प्रेमानंद जी महाराज ने आगे कहा है कि जो लोग द्वादशी के दिन तुलसी की पत्तियां तोड़ते हैं उन्हें ब्रह्म हत्या का पाप लगता है।

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हालांकि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, व्यक्ति को तुलसी के पत्ते  रविवार के अलावा एकादशी के दिन भी नहीं तोड़ने चाहिए। 

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इससे अलग तुलसी के पत्तों को चंद्र ग्रहण, सूर्य ग्रहण और सूर्यास्त के बाद भी नहीं तोड़ने चाहिए। 

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हालांकि अमावस्या और चतुर्दशी के दिन भी तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए। ये भी अशुभ माना जाता है। 

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्‍यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।

Published By:
 Garima Garg

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