
भारत में इस जगह रखा है हजरत मोहम्मद पैगंबर का बाल, 1963 में खो जाने पर देश में मच गया था कोहराम, नेहरू को लगानी पड़ी थी IB की टीम
श्रीनगर की डल झील किनारे स्थित हजरतबल श्राइन मुस्लिमों के लिए पवित्र स्थल है। यहां पैगंबर मोहम्मद का बाल रखा है, जो सदियों पहले मदीना से लाया गया। 1963 में एक रात बाल चोरी हो गया, जिससे कश्मीर में कोहराम मच गया था।
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जम्मू-कश्मीर में डल झील के किनारे एक ऐसा धार्मिक स्थल है, जो मुस्लिम समुदाय के लिए बेहद पवित्र माना जाता है। यह जगह है दरगाह हजरतबल श्राइन, जहां पैगंबर मोहम्मद साहब का एक पवित्र बाल रखा हुआ है।
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इन बालों को 'मोई-ए-मुकद्दस' (पवित्र बाल) कहा जाता है। हजरतबल श्राइन का निर्माण 17वीं शताब्दी में हुआ था, हालांकि इसका वर्तमान स्वरूप 20वीं शताब्दी में मिला।
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यहां रखा पवित्र बाल पैगंबर मोहम्मद साहब का माना जाता है, जो सदियों पहले मदीना से भारत लाया गया था। किंवदंती के अनुसार, यह बाल एक व्यापारी द्वारा खरीदा गया और फिर कश्मीर पहुंचा।
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यह स्थल न केवल धार्मिक महत्व रखता है बल्कि कश्मीर की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भी है। 1963 का वह साल था जब हजरतबल श्राइन में रखा पैगंबर का पवित्र बाल 26-27 दिसंबर की रात को अचानक गायब हो गया।
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इस खबर के फैलते ही कश्मीर में कोहराम मच गया। लोग सड़कों पर उतर आए, प्रदर्शन शुरू हो गए। पूरे भारत में मुस्लिम समुदाय में आक्रोश फैल गया और यहां तक कि पाकिस्तान में भी इसकी गूंज सुनाई दी।
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तत्कालीन PM जवाहरलाल नेहरू ने पूरा लाव लश्कर कश्मीर भेझा। कमान संभाली लाल बहादुर शास्त्री ने, इसके अलावा गृह मंत्री गुलजारीलाल नंदा, गृह सचिव वेंकट विश्वनाथन और IB की टीम कश्मीर में डेरा डाले हुए थी।
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गहन जांच के बाद 4 जनवरी, 1964 को बाल बरामद कर लिया गया। जांच में पता चला कि चोरी श्राइन के एक मुजाविर (देखभाल करने वाले) ने की थी। गुलजारी लाल नंदा ने संसद को बताया था कि चोरी में 3 लोगों का हाथ था।
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