
लहसुन और प्याज को क्यों माना जाता है तामसिक भोजन? कुछ धर्मों में क्यों है निषेध
प्याज और लहसुन को लेकर भारत में लंबे समय से बहस चलती रही है। कई आध्यात्मिक गुरु प्याज और लहसुन को तामसिक भोजन बताते हैं। एक तरफ वैज्ञानिक और आयुर्वेदिक दृष्टिकोण है, तो दूसरी ओर आध्यात्मिक और धार्मिक मान्यताएं। जानतें हैं कुछ धर्मों में क्यों है ये निषेध
- फोटो गैलरी
- 1 min read
प्याज और लहसुन को स्वाद और स्वास्थ्य दोनों के लिए उपयोगी माना जाता है। मगर धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से इसे अक्सर तामसिक यानी शरीर और मन को निष्क्रिय और उत्तेजित करने वाला माना जाता है।
Image: Freepik
हिंदू धर्म और योग आधारित परंपराओं में तामसिक भोजन से दूर रहने की सलाह दी जाती है। खासकर व्रत, पूजा-पाठ या ध्यान-साधना के दौरान प्याज और लहसुन से परहेज किया जाता है।
Image: PexelsAdvertisement
धर्म गुरु प्रेमानंद महाराज ने कहा है कि जो लोग मोक्ष की ओर बढ़ना चाहते हैं, उनके लिए प्याज और लहसुन से परहेज लाभकारी है। इससे ध्यान और साधना में बाधा हो सकती हैं।
Image: Freepik (Representative)
Advertisement
लहसुन को हृदय स्वास्थ्य, पाचन, इम्यूनिटी और यहां तक कि कैंसर से लड़ने में सहायक माना गया है। इनका प्रयोग हजारों वर्षों से भारतीय चिकित्सा पद्धति में होता आया है।
Image: Freepik
समाज के भीतर भी इस विषय पर अलग-अलग दृष्टिकोण हैं। कुछ लोग इन्हें तामसिक भोजन? मानकर पूरी तरह त्याग देते हैं, जबकि कुछ केवल विशेष अवसरों पर परहेज करते हैं।
Image: ShutterstockDisclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।