
Multigrain Atta vs Single Grain Atta: मल्टीग्रेन या फिर गेहूं का आटा, सेहत के लिए कौन ज्यादा फायदेमंद? जान लीजिए
Multigrain Atta vs Single Grain Atta: मल्टीग्रेन आटा और गेहूं का आटा दोनों की ही रोटियां आज-कल के लोग बनाकर खाते हैं। लेकिन सेहत के लिए कौन सा आटा फायदेमंद है? आइए आपको बताते हैं।
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क्या है मल्टीग्रेन आटा?
मल्टीग्रेन आटा एक से ज्यादा अनाज जैसे गेहूं, ज्वार, बाजरा, रागी, चना और ओट्स को मिक्स करके बनाते हैं। यह आटा सेहत के लिए काफी पौष्टिक होता है।
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क्या होता है सिंगल ग्रेन आटा?
सिंगल ग्रेन आटे में सिर्फ एक ही अनाज शामिल होता है, जैसे इसे गेहूं से बनाया जाता है। इसमें भी पोषण होता है लेकिन मल्टीग्रेन की तुलना से कम ही रहता है।
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प्रोटीन और फाइबर से भरपूर
मल्टीग्रेन आटे में गेहूं के आटे की तुलना में प्रोटीन, फाइबर और भी पोषक तत्व ज्यादा ही होते हैं, जो मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करते हैं।
डाइजेशन के लिए फायदेमंद
ज्यादा फाइबर कंटेंट आंत के स्वास्थ्य को सुधारता है और डाइजेशन को बेहतर बनाता है, साथ ही कब्ज की समस्या को दूर करता है।
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वजन घटाने में मददगार
ज्वार, बाजरा और रागी जैसे अनाज ग्लूटेन-फ्री होते हैं जिससे भूख कम लगती है। इस तरह से वजन घटाने में भी कारगर होता है।
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सूजन कम करने के गुण
बाजरा और रागी जैसे अनाज खाने से शरीर के किसी भी बॉडी पार्ट में सूजन जैसे समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता है।
वैज्ञानिक और पोषण विशेषज्ञ की राय
एक्सपर्ट्स का कहना है कि मल्टीग्रेन आटे को खाने से डाइट बैलेंस रहती है। ये बॉडी को भी लंबे समय तक हेल्दी बनाकर रखता है।
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कौन से आटे को चुनना होगा बेहतर?
अगर आपको वजन घटाना है, डाइजेशन में सुधार करना है और बैलेंस डाइट रखनी है, तो मल्टीग्रेन आटा आपके लिए बेहतर होगा।
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