Cesarean Delivery Disadvantages: पिछले कुछ समय में सिजेरियन डिलीवरी का चलन काफी ज्यादा बढ़ गया है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस सर्जरी के साथ महिलाओं के लिए कुछ रिस्क भी जुड़े हैं। Image: Freepik
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एक्सपर्ट्स की मानें तो हर सर्जरी की तरह सिजेरियन डिलीवरी के साथ भी कुछ रिस्क जुड़े हुए हैं। इसमें महिलाओं को कुछ गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। आइए इसके बारे में जानते हैं। Image: Freepik
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सिजेरियन डिलीवरी में महिलाओं के पेट में काफी गहरा कट लगता है, जो लंबे समय तक एक जख्म की तरह बना रहता है। ऐसे में अगर महिला अपने घाव को लेकर जरा भी लापरवाही बरते, तो घाव में संक्रमण फैल सकता है। Image: Freepik
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इस डिलीवरी के बाद महिलाओं में वूम्ब लाइनिंग इंफेक्शन सबसे कॉमन संक्रमण होता है। इस संक्रमण के होने पर महिला में कई तरह के लक्षण दिखाई देते हैं, जैसे बुखार, पेट में दर्द और असामान्य वजाइनल डिस्चार्ज। Image: Freepik
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सिजेरियन डिलीवरी के बाद कुछ महिलाओं को हैवी ब्लीडिंग हो सकती है। हालांकि, डिलीवरी के बाद ब्लीडिंग होना सामान्य होता है, लेकिन बहुत ज्यादा ब्लीडिंग होना भी ठीक नहीं है। Image: Freepik
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आमतौर पर डिलवरी के बाद गर्भाशय में सूजन रहती है, जो करीब 6 सप्ताह बाद सामान्य अवस्था में लौट आती है, लेकिन सिजेरियन डिलीवरी के बाद अक्सर इस कंडीशन के बिगड़ने का रिस्क रहता है। Image: Freepik
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सिजेरियन डिलीवरी के बाद अगर महिला की कंडीशन बहुत ज्यादा खराब हो जाए, तो उसके ब्लैडर को नुकसान हो सकता है और किडनी को भी नुकसान पहुंत सकता है। इससे रिकवरी के लिए एक और सर्जरी से गुजरना पड़ सकता है। Image: Freepik
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधियां, तरीके और दावे अलग-अलग जानकारियों पर आधारित हैं। REPUBLIC BHARAT आर्टिकल में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं करता है। किसी भी उपचार और सुझाव को अप्लाई करने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।