
सालों तक नहीं खराब होगा घर का बना अचार, बस आजमाएं 'हींग की धूनी' वाला ये पुराना सीक्रेट तरीका
Hing Dhooni in Pickle: इंडियन रसोई में अचार सिर्फ स्वाद बढ़ाने के लिए ही नहीं होता है, बल्कि हमारी परंपरा और घरेलू नुस्खों का खजाना भी है। दादी- नानी के पुराने समय से ही सालों- साल रक्षित रखने के लिए बरनी को हींग का धुआं देती आ रही हैं। यह न केवल स्वाद बढ़ाता है, बल्कि अचार को सड़ने से भी बचाता है।
- फोटो गैलरी
- 2 min read
हींग में एंटीबैक्टीरियल- एंटीफंगल गुण होते हैं। अचार मिट्टी या कांच के जार में रखा जाता था, नमी के कारण फफूंदी लगने का डर रहता था। हींग की धूनी जार को स्टरलाइज कर नमी- बैक्टीरिया को खत्म कर देती है।
Image: AI
हींग की तेज और खुशबू अचार के स्वाद को बढ़ा देती है। अचार का स्वाद एकदम देसी और पारंपरिक होता है। हींग पेट के लिए बहुत गुणकारी है, जिससे अचार खाने पर गैस, अपच और पेट फूलने जैसी समस्याएं नहीं होतीं।
Advertisement
अचार में हींग का धुआं एक सुरक्षा कवच होता है ये उस सफेद फफूंदी को पनपने से रोकता है जो अक्सर नमी के कारण अचार पर आ जाती है। इसके इस्तेमाल से आपका अचार लंबे समय तक सुरक्षित और ताजा बना रहता है।
Image: AI
बरनी को अच्छे से धोकर धूप में पूरी तरह सूखा लें। जलते हुए कोयले या लोहे की कटोरी पर थोड़ी हींग डालें- धुआं उठते ही बरनी को उसके ऊपर उल्टा रख दें। बरनी धुएं से भर जाए, सीधा कर लें- इसमें अचार भर दें।
Image: AIAdvertisement
हींग की धूनी आप आम, नींबू, लाल मिर्च, कटहल या मिक्स वेज के अचार में दे सकते हैं। हमारे पास फ्रिज और एयरटाइट कंटेनर हैं, बिना किसी केमिकल के अचार को सुरक्षित रखने का यह तरीका आज भी बेस्ट- असरदार है।
Image: AI