
Food Poisoning Prevention: भीषण गर्मी में तेजी से फैल रहा है फूड पॉइजनिंग, जानें कारण और कैसे करें बचाव; वरना लगाने पड़ेंगे अस्पताल के चक्कर
Food Poisoning: आजकल पारा 45 डिग्री के पार जा रहा है और इस चिलचिलाती गर्मी में फूड पॉइजनिंग के मामले बिजली की तेजी से बढ़ रहे हैं। दरअसल, उच्च तापमान बैक्टीरिया के पनपने के लिए सबसे अनुकूल माहौल पैदा करता है। अगर आप सावधानी नहीं बरतते, तो छोटी सी लापरवाही आपको अस्पताल के बेड तक पहुंचा सकती है। इसलिए आइए आपको बताते हैं कि फूड पॉइजनिंग से कैसे बचें।
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फूड पॉइजनिंग तब होती है जब हम दूषित भोजन या पानी का सेवन करते हैं। बैक्टीरिया और वायरस के कारण होता है। गर्मी में खाना जल्दी खराब होता है। अशुद्ध पानी भी एक बड़ा कारण है।
जब तापमान 35°C से अधिक होता है, तो भोजन में मौजूद बैक्टीरिया बहुत तेजी से बढ़ने लगते हैं। खुले में रखा खाना केवल 2 घंटे में ही खराब हो सकता है, जो साधारण आंखों से दिखाई नहीं देता।
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बार-बार दस्त होना और जी मिचलाना,पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द और भारीपन महसूस होना और शरीर का तापमान बढ़ना और चक्कर आना संकेत है।
गर्मी में बासी भोजन या सड़क किनारे खुले में बिक रहे खाद्य पदार्थों में बैक्टीरिया तेजी से फैलते हैं।
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बिना धुली सब्जियां और अधपका मांस संक्रमण का मुख्य स्रोत हो सकते हैं।
बचे हुए खाने को तुरंत फ्रिज में रखें और दोबारा गर्म करके ही खाएं। फलों को काटकर ज्यादा देर तक खुला न छोड़ें।
- खाना बनाने से पहले साबुन से हाथ धोएं।
- खाने से पहले भी अच्छी तरह सफाई करें।
- किचन के बर्तनों को साफ रखें।
- केवल स्वच्छ और छना हुआ पानी पिएं।
- दस्त होने पर ORS का घोल जरूर लें।
- नींबू पानी और नारियल पानी का सेवन करें।
- बाहर मिलने वाले खुले जूस से परहेज करें।
यदि उल्टी-दस्त 24 घंटे से अधिक समय तक रहे, बुखार 102°F से ऊपर हो या मल में खून आए, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधियां, तरीके और दावे अलग-अलग जानकारियों पर आधारित हैं। REPUBLIC BHARAT आर्टिकल में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं करता है। किसी भी उपचार और सुझाव को अप्लाई करने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।